जन्मदिन विशेष 'हमका पीनी है' से बॉलीवुड में छाए शबाब साबरी, सूफी विरासत को दी नई पहचान

जन्मदिन विशेष  हमका पीनी है से बॉलीवुड में छाए शबाब साबरी, सूफी विरासत को दी नई पहचान
शबाब साबरी का जन्म 6 जुलाई 1979 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय मोहम्मद इकबाल साबरी और चाचा उस्ताद अफजल साबरी देश के प्रतिष्ठित सूफी और कव्वाली गायकों में गिने जाते थे।

मुंबई, 5 जुलाई (आईएएनएस)। शबाब साबरी का जन्म 6 जुलाई 1979 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय मोहम्मद इकबाल साबरी और चाचा उस्ताद अफजल साबरी देश के प्रतिष्ठित सूफी और कव्वाली गायकों में गिने जाते थे।

संगीत से जुड़े इस परिवार में पले-बढ़े शबाब साबरी का बचपन से ही गायन की ओर रुझान था। हालांकि शुरुआती दौर में परिवार उन्हें इस क्षेत्र के संघर्षों से दूर रखना चाहता था, लेकिन उनकी लगन को देखते हुए उन्हें शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा दिलाई गई।

इस घराने ने 'भर दो झोली मेरी' जैसी कालजयी कव्वालियों को दुनिया भर के मंचों पर गाकर सूफी संगीत को एक नई ऊंचाई दी थी। महज 14 वर्ष की आयु में शबाब साबरी ने रामपुर-सहसवान घराने के प्रख्यात शास्त्रीय गायक उस्ताद राशिद खान से संगीत की तालीम ली। इस प्रशिक्षण ने उनकी गायकी को निखारा और आगे चलकर यही उनकी पहचान बनी।

शास्त्रीय शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पिता के साथ देश-विदेश में अनेक लाइव प्रस्तुतियां दीं और मंचीय गायन की बारीकियां सीखीं। लाइव कॉन्सर्ट्स में लोकप्रियता हासिल करने के बावजूद शबाब साबरी बॉलीवुड में पार्श्वगायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते थे। उनके पिता के निधन के बाद पूरा परिवार मुंबई आ गया। यहां उन्होंने शुरुआती संघर्ष के दौरान अपनी शास्त्रीय गायकी को फिल्मी संगीत के अनुरूप ढाला।

वर्ष 2010 में संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद ने उन्हें सलमान खान अभिनीत फिल्म 'दबंग' में 'हमका पीनी है' गाने का अवसर दिया। यह गीत रिलीज के बाद काफी लोकप्रिय हुआ और शबाब साबरी को बॉलीवुड में नई पहचान मिली।

शबाब साबरी अभिनेता सलमान खान और संगीतकार साजिद-वाजिद को अपने करियर में महत्वपूर्ण योगदान देने का श्रेय देते हैं। इसके बाद उन्होंने सलमान खान की फिल्म 'जय हो' (2014) के गीत 'तेरे नैना मार ही डालेंगे' और फिल्म 'वीर' (2010) के ठुमरी शैली के गीत 'पवन उड़ावे बतिया' सहित कई चर्चित गीतों में अपनी आवाज दी।

इसके अतिरिक्त, शबाब ने जॉन अब्राहम अभिनीत फिल्म 'वेलकम बैक' (वर्ष 2015) के प्रसिद्ध गीत 'नस नस में' में अपनी आवाज दी, जहां उनके स्वर को नसीरुद्दीन शाह और अनिल कपूर जैसे वरिष्ठ अभिनेताओं पर भी फिल्माया गया। उन्होंने प्रीतम के संगीत निर्देशन में 'दिल मेरा मुफ्त का' (फिल्म 'एजेंट विनोद', वर्ष 2012) और हिमेश रेशमिया के संगीत में 'जलते दिए' (फिल्म 'प्रेम रतन धन पायो', वर्ष 2015) जैसे गीतों से लोगों के दिलों पर राज किया।

शबाब साबरी पार्श्वगायन के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने मुंबई में आयोजित हुई प्रथम भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट श्रृंखला के लिए स्वेच्छा से थीम गीत गाया था। इसके अतिरिक्त, लाइव संगीत मंचों पर भी उनका दबदबा कायम है। वर्तमान में वर्ष 2026 में भी वह नए एकल गीतों जैसे 'रब रूठा' और 'माही वे' के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रूप से श्रोताओं का मनोरंजन कर रहे हैं।

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Created On :   5 July 2026 10:01 AM IST

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