जनता के जनादेश से बनती है सरकार, तेजस्वी के कहने से इस्तीफा नहीं होगा लेसी सिंह
पटना, 10 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने विभिन्न राजनीतिक मुद्दों, झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर वहां की सरकार को आड़े हाथों लिया और साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों पर भी कड़ा पलटवार किया।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि वहां के मुद्दों को वहां की सरकार को देखना चाहिए। इस दौरान उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए दोहरे चरित्र का आरोप लगाया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि यह तो दोहरा चरित्र और दोहरी नीति है। जब बिहार में कुछ होता है तो वे बोलते हैं, लेकिन आज झारखंड में महागठबंधन की सरकार है तो वहां वे चुप हैं। जनता और छात्र सब देख रहे हैं कि कुछ लोग छात्रों और नौजवानों की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं। महागठबंधन के लोगों को कुछ मिल नहीं रहा है, इसलिए वे इस तरह की राजनीति कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स के खिलाड़ियों से बातचीत पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि खेल को बढ़ावा देना बेहद स्वाभाविक है। केंद्र और बिहार सरकार दोनों ही खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही हैं। खेल आज देश का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने और सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग पर मंत्री ने कहा कि सरकारें किसी के कहने से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश से बनती हैं। तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं; सरकार जनता बनाती है। क्या उनके कहने से कोई इस्तीफा दे देगा? विधानसभा सत्र के दौरान उन्हें जनसमस्याओं को लेकर अपनी बात रखनी चाहिए। उपचुनाव से दो दिन पहले आकर वे सक्रिय होते हैं, जिससे उनकी गंभीरता का पता चलता है। बिहार की जनता सब जानती है।
कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी कानून अपने हाथ में लेगा और अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पहले भी कड़ी कार्रवाई कर रही है और आगे भी कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।
हाल ही में निकाली गई तिरंगा यात्रा और उस पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में मंत्री लेसी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कोई पार्टी विशेष का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि कला-संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम था। तिरंगा हमारी आन, बान और शान है, जो देश की आजादी और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और लाखों नौजवानों ने अपनी शहादत और कुर्बानी देकर इस तिरंगे को फहराया है। ऐसे राष्ट्रीय प्रतीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस भव्य तिरंगा यात्रा में युवाओं और छात्रों ने बड़े जोश के साथ हिस्सा लिया, जिससे नई पीढ़ी को राष्ट्र प्रथम और राष्ट्रप्रेम का संदेश मिलता है। विपक्ष के पास अब राजनीति करने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे बेवजह की बातें करते हैं।
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Created On :   10 Aug 2026 5:08 PM IST












