खीरी हिंसा गवाहों को धमकाने के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और आशीष के नाम नहीं, सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने दी जानकारी
नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। वर्ष 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गवाहों को कथित रूप से धमकाने के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि आशीष मिश्रा या उनके पिता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा इस मामले में शामिल थे।
आशीष मिश्रा की जमानत से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि गवाहों को धमकाने के मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है लेकिन उसमें आशीष मिश्रा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का नाम शामिल नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लिया।
राज्य सरकार की ओर से दायर स्टेट्स रिपोर्ट में बताया गया कि गवाहों को धमकाने से जुड़ी एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है और जांच में आशीष मिश्रा के खिलाफ कोई भी दोष साबित करने योग्य साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमनदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है और संबंधित अदालत ने उसका संज्ञान भी ले लिया है। हालांकि, अजय मिश्रा, आशीष मिश्रा और अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच में उनके शामिल होने के कोई प्रमाण नहीं मिले।
सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट के जवाब में दो सप्ताह के भीतर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि गवाहों को धमकाने के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में एफआईआर दर्ज की थी। यह कार्रवाई तब हुई थी, जब सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता बलजिंदर सिंह की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस को फटकार लगाई थी। इसके बाद अदालत के निर्देश पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पंजाब के मुक्तसर जाकर शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया और भारतीय दंड संहिता की धारा 195-ए, 506 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया।
मुख्य मामला 3 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हुई थी। आरोप है कि आशीष मिश्रा से कथित तौर पर जुड़े काफिले की गाड़ियों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचल दिया था। इस मामले में आशीष मिश्रा पर मुकदमा चल रहा है और वह फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत पर बाहर है।
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Created On :   16 July 2026 2:38 PM IST












