मां के दूध के साथ ऊपरी आहार भी जरूरी, जानिए शिशु को कब और क्या खिला सकते हैं?

मां के दूध के साथ ऊपरी आहार भी जरूरी, जानिए शिशु को कब और क्या खिला सकते हैं?
शिशु के जन्म के बाद पहले 6 महीने तक मां का दूध ही उसके लिए सबसे पूरा और जरूरी आहार माना जाता है। इस दौरान बच्चे को पानी या किसी और खाने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि मां का दूध ही उसकी पूरी पोषण, पानी और रोगों से लड़ने की ताकत को पूरा कर देता है। लेकिन जैसे ही बच्चा 6 महीने का हो जाता है, उसकी जरूरतें बदलने लगती हैं।

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। शिशु के जन्म के बाद पहले 6 महीने तक मां का दूध ही उसके लिए सबसे पूरा और जरूरी आहार माना जाता है। इस दौरान बच्चे को पानी या किसी और खाने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि मां का दूध ही उसकी पूरी पोषण, पानी और रोगों से लड़ने की ताकत को पूरा कर देता है। लेकिन जैसे ही बच्चा 6 महीने का हो जाता है, उसकी जरूरतें बदलने लगती हैं।

सिर्फ दूध उसके शरीर और दिमाग के तेजी से हो रहे विकास के लिए पर्याप्त नहीं रहता। यहीं से शुरू होता है ऊपरी आहार, जिसे पूरक आहार भी कहा जाता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि शिशु के जन्म के 6 महीने बाद उसे मां के दूध के साथ-साथ ठोस या अर्ध-ठोस खाना देना शुरू कर देना चाहिए। यह बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इस समय उसका दिमाग तेजी से बढ़ता है और शरीर को ज्यादा ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन और दूसरे पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

आप बच्चे को दिन में 2 से 3 बार हल्का और नरम खाना देना शुरू कर सकते हैं। शुरुआत हमेशा बहुत आसान और पचने वाले भोजन से करनी चाहिए, जैसे दलिया, मूंग दाल का पानी, पतली खिचड़ी, उबली और मसलकर दी गई सब्जियां जैसे आलू, गाजर या लौकी और मसले हुए फल जैसे केला या सेब। ध्यान रखने वाली बात यह है कि खाना बहुत ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए। यह थोड़ा गाढ़ा होने के साथ निगलने के लिए मुलायम भी होना चाहिए ताकि बच्चा धीरे-धीरे चबाने और निगलने की आदत भी सीख सके।

शुरुआत में एक समय पर सिर्फ एक नया खाना ही देना चाहिए और उसे कम से कम 3 से 4 दिन तक देना चाहिए। इससे यह पता चलता है कि बच्चे को उस खाने से कोई एलर्जी या परेशानी तो नहीं हो रही है। इस दौरान मां का दूध देना बिल्कुल बंद नहीं करना चाहिए, बल्कि वह पहले की तरह जारी रहना चाहिए।

जैसे-जैसे बच्चा 9 से 12 महीने का होता है, उसे थोड़ा और विविध खाना दिया जा सकता है। इस उम्र में बच्चा उंगलियों से खाना पकड़कर खाने की कोशिश करता है, इसलिए उसे नरम फल, छोटे टुकड़ों में कटी सब्जियां और हल्का घर का खाना दिया जा सकता है। दिन में 3 बार मुख्य भोजन और 1–2 बार हल्का नाश्ता देना सही रहता है।

12 से 24 महीने की उम्र में बच्चा धीरे-धीरे परिवार के साथ वही खाना खाने लगता है, बस उसका खाना थोड़ा नरम और छोटे टुकड़ों में होना चाहिए। इस उम्र में उसे दिन में 3 मुख्य भोजन और 2 हल्के स्नैक्स दिए जा सकते हैं।

एक बहुत जरूरी बात यह भी है कि बच्चे के खाने में हर दिन अलग-अलग तरह के फूड ग्रुप शामिल होने चाहिए, जैसे अनाज, दालें, सब्जियां, फल, दूध और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ। इससे उसका पूरा विकास अच्छे तरीके से होता है।

साथ ही, छोटे बच्चों को ज्यादा चीनी, नमक, जंक फूड, पैकेज्ड जूस और चॉकलेट जैसी चीजों से दूर रखना चाहिए, क्योंकि ये उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।

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Created On :   1 May 2026 3:14 PM IST

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