मछली पालन कर संबलपुर की सुजाता भुयान बनीं प्रेरणा, पीएम मोदी से मिली प्रशंसा पर बोलीं- मुझे गर्व है

मछली पालन कर संबलपुर की सुजाता भुयान बनीं प्रेरणा, पीएम मोदी से मिली प्रशंसा पर बोलीं- मुझे गर्व है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के संबलपुर की रहने वाली सुजाता भूयान के मछलीपालन के प्रयासों की सराहना की। इस पर सुजाता ने खुशी जाहिर की है और प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

संबलपुर, 29 मार्च (आईएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के संबलपुर की रहने वाली सुजाता भूयान के मछलीपालन के प्रयासों की सराहना की। इस पर सुजाता ने खुशी जाहिर की है और प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

सुजाता भुयान ने हीराकुंड जलाशय में 'केज कल्चर' तरीके का इस्तेमाल करके मछली पालन में सफलता हासिल की है। उनकी पहल और दृढ़ संकल्प का प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जिक्र किया। सुजाता समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहती हैं, "उन्होंने अपना काम बैंक से लोन लेकर ही शुरू किया था।"

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से तारीफ किए जाने पर सुजाता भुयान ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुझे इस बात पर गर्व है कि प्रधानमंत्री ने मेरे नाम का जिक्र किया।" उन्होंने प्रधानमंत्री और मत्स्य विभाग, दोनों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

सुजाता ने कहा, "वह सरकारी मदद, जिसमें बैंक लोन और मत्स्य विभाग का सहयोग शामिल है, की वजह से ही सफलता हासिल कर पाईं।" उन्होंने बताया कि उनकी यह यात्रा हीराकुंड जलाशय जाने के बाद शुरू हुई, जहां उन्होंने मछली पालन की गतिविधियां देखीं और उसके बाद विभाग से संपर्क किया। ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने 2022 में बैंक लोन लेकर अपना काम शुरू किया।

फिलहाल, वह तिलापिया मछली पालन में लगी हुई हैं। उन्होंने यह भी माना कि इस क्षेत्र में एक महिला होने के नाते उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, खासकर शुरुआती दौर में, लेकिन उन्होंने कहा कि समय के साथ हालात धीरे-धीरे बेहतर होते गए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सुजाता ने अपने काम के पहले ही साल में लगभग 6 लाख रुपए कमाए और तब से वह कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्हें राज्य के बाहर के बाजारों में मछली सप्लाई करने के लिए भी पहचान मिली है।

एक गृहिणी होने के बावजूद सुजाता अपने परिवार को संभालने के साथ-साथ मछली पालन की गतिविधियों को देखने के लिए नियमित रूप से जलाशय जाती हैं।

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Created On :   29 March 2026 1:46 PM IST

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