मध्य प्रदेश में टीबी उन्मूलन में सघन स्क्रीनिंग का लाभ डिप्टी सीएम शुक्ल

मध्य प्रदेश में टीबी उन्मूलन में सघन स्क्रीनिंग का लाभ डिप्टी सीएम शुक्ल
मध्य प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे सघन स्क्रीनिंग अभियान का बड़ा लाभ हो रहा है और यही कारण है अब तक टीबी के एक लाख 12 हजार मरीजों की समय पर पहचान की गई। यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दी।

भोपाल, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे सघन स्क्रीनिंग अभियान का बड़ा लाभ हो रहा है और यही कारण है अब तक टीबी के एक लाख 12 हजार मरीजों की समय पर पहचान की गई। यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दी।

डिप्टी सीएम शुक्ल ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जोश (जॉइंट स्क्वॉड फॉर हेल्थ) टीम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि सघन स्क्रीनिंग के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश में अब तक 1.12 लाख टीबी मरीजों की समय पर पहचान की जा चुकी है। पहले जहां 25 से 30 हजार मरीज ही चिन्हित हो पाते थे, वहीं व्यापक स्क्रीनिंग से अधिक मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार शुरू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नियमित रूप से 6 माह तक दवा लेने, पौष्टिक आहार और निक्षय मित्रों के सहयोग से टीबी मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर ‘टीबी चैंपियन’ बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के साथ वर्ष 2047 तक विकसित और हेल्दी भारत के निर्माण का संकल्प है।

उन्होंने युवाओं से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली से राष्ट्रव्यापी स्तर पर जोश टीम का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के समय पर एंटी-नेटल चेकअप (एएनसी) कराने और ग्राम पंचायतों से इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज एवं फैटी लिवर के साथ सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग का भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा निःशुल्क जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जन-जागरूकता और जनभागीदारी आवश्यक है।

डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि जोश टीमें युवाओं की शक्ति को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल हैं। माय भारत के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स की ब्लॉक एवं जिला स्तर पर गठित टीमें घर-घर स्क्रीनिंग अभियान में सहयोग करेंगी तथा संभावित मरीजों की पहचान, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 8 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, 3 निक्षय मित्रों तथा 5 स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मौजूद रहे ।

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Created On :   8 Oct 2026 8:13 PM IST

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