महिला आरक्षण बिल लागू होने से बढ़ेगा महिलाओं का वर्चस्व कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में चर्चा तेज होती जा रही है। इस मुद्दे पर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में पद्मश्री से सम्मानित कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे महिलाओं के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया। उनका कहना है कि यह बिल महिलाओं के आत्मविश्वास और भागीदारी को बढ़ाने का एक मजबूत जरिया बनेगा।
आईएएनएस से बात करते हुए उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा, ''महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद का सत्र तीन दिन बढ़ाया जाना एक अच्छा संकेत है। इससे यह साफ होता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसे जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है।''
उन्होंने आगे कहा, ''अगर यह बिल लागू होता है तो महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा। उन्हें राजनीति में आगे आने और अपनी क्षमता दिखाने का ज्यादा मौका मिलेगा। अब तक कई ऐसे मौके आए हैं, जहां महिलाएं अपनी बात ठीक से नहीं रख पाईं, क्योंकि उनकी संख्या कम थी। जब संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ेगी, तो वे अपनी जरूरतों और समस्याओं को मजबूती से रख सकेंगी।''
उर्मिला श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है और महिला आरक्षण बिल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कानून आने से महिलाओं को सिर्फ प्रतिनिधित्व ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे फैसले लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
उन्होंने कहा, ''अगर संसद में सीटों की संख्या बढ़ती है और उसमें महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होता है, तो इससे महिलाओं का वर्चस्व भी बढ़ेगा। अभी तक कई महत्वपूर्ण फैसलों में पुरुषों की संख्या ज्यादा होने के कारण महिलाओं की आवाज कमजोर पड़ जाती थी। लेकिन अब संख्या बल के आधार पर महिलाएं अपनी बात मजबूती से रख पाएंगी। यह गर्व और खुशी का पल है।''
पूरे मामले को देखें तो 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के जरिए महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की योजना है। यह कानून 2023 में संसद से पास हो चुका है, लेकिन इसके लागू होने के लिए कुछ प्रक्रियाएं बाकी हैं। अब सरकार इसे 2029 से पहले लागू करने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिसके लिए संसद के सत्र को बढ़ाकर जरूरी चर्चा और संशोधन किए जा सकते हैं।
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Created On :   7 April 2026 6:03 PM IST












