आबकारी नीति मामला मनीष सिसोदिया ने किया दिल्ली हाईकोर्ट का रुख, जस्टिस स्वर्ण कांत को केस से हटाने की मांग

आबकारी नीति मामला मनीष सिसोदिया ने किया दिल्ली हाईकोर्ट का रुख, जस्टिस स्वर्ण कांत को केस से हटाने की मांग
दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा को केस से हटाने की मांग की है। दिल्ली हाईकोर्ट 13 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई करेगा।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा को केस से हटाने की मांग की है। दिल्ली हाईकोर्ट 13 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई करेगा।

इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के उस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ से स्थानांतरित करने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक रिट याचिका में केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के उस पत्र को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को इस मामले को किसी अन्य बेंच को सौंपने का कोई कारण नहीं मिला।

याचिका के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने इस आधार पर अनुरोध को अस्वीकार कर दिया कि मौजूदा रोस्टर के अनुसार मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को आवंटित किया गया था और प्रशासनिक पक्ष पर आदेश पारित करके इसे स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं था।

केजरीवाल ने तर्क दिया है कि मामले को स्थानांतरित करने से इनकार करने से एक 'गंभीर, वास्तविक और उचित आशंका' पैदा होती है कि मामले की सुनवाई निष्पक्षता और तटस्थता से नहीं हो पाएगी।

उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामलों में पहले के उन आदेशों का भी जिक्र किया, जिनमें जस्टिस शर्मा ने कई आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

आम आदमी पार्टी के नेता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा द्वारा की गई टिप्पणियों को चुनौती देते हुए एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) भी दायर की।

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Created On :   7 April 2026 6:11 PM IST

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