मनप्रीत के साथ भरोसा और समझ बेहद मजबूत हरमनप्रीत सिंह

मनप्रीत के साथ भरोसा और समझ बेहद मजबूत हरमनप्रीत सिंह
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सीनियर मिडफील्डर मनप्रीत सिंह के साथ लंबे समय तक चलने वाले बॉन्ड और टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी को एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले टीम की स्थिरता की मुख्य वजह बताया।

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सीनियर मिडफील्डर मनप्रीत सिंह के साथ लंबे समय तक चलने वाले बॉन्ड और टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी को एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले टीम की स्थिरता की मुख्य वजह बताया।

जूनियर दिनों से ही मनप्रीत के साथ खेल रहे हरमनप्रीत सिंह ने जियोस्टार पर कहा, "मनप्रीत हमारे सीनियर रहे हैं। हम जूनियर्स से ही साथ हैं। तब से लेकर अब तक, वह बॉन्ड, भरोसा और समझ बहुत मजबूत रही है। हम इतने सालों से साथ खेल रहे हैं, और मैं बस उन्हें मुझ पर भरोसा और विश्वास दिखाने के लिए धन्यवाद कहना चाहता हूं। यह जान-पहचान मैच के हालात से भी आगे तक जाती है।"

हरमनप्रीत ने बताया कि अनुभवी खिलाड़ियों का ग्रुप अक्सर पिच से दूर भी एक साथ समय बिताता है। इस वजह से हमारे आपसी रिश्ते मजबूत हैं।

भारतीय कप्तान ने कहा, "यहां तक ​​कि जब हम घर जाते हैं, ट्रेनिंग सेशन के दौरान, हम ज्यादातर साथ होते हैं, मैं, मनप्रीत, मंदीप, दिलप्रीत। जब कैंप में होते हैं, तो हम स्वाभाविक रूप से साथ रहते हैं।"

हरमनप्रीत ने कहा कि दबाव वाले मैचों में ऐसी जान-पहचान बहुत बड़ा अंतर पैदा करती है। उन्होंने कहा कि मिडफील्ड और डिफेंस के बीच समझ सालों तक साथ खेलने से बनी है और खिलाड़ियों को सिर्फ बोलकर बातचीत करने पर निर्भर हुए बिना हालात का अंदाजा लगाने में मदद करती है।

उन्होंने कहा, "मैदान पर, डिफेंडर और मिडफील्डर के बीच समझ बहुत अच्छी है। हम जानते हैं कि कुछ खास हालात में कैसे पास देना है, आंखों में देखने से ही काम हो जाता है। हम डिफेंस में भी करीब रहते हैं, इसलिए कोई कम्युनिकेशन गैप नहीं है।"

हरमनप्रीत ने बताया कि मौजूदा भारतीय टीम के कई सीनियर सदस्य पहले ही कई मौकों पर टूर्नामेंट की जरूरतों का अनुभव कर चुके हैं और उनका मानना ​​है कि जब टीम मुश्किल हालात में होती है तो अनुभव बहुत कीमती साबित हो सकता है। मुश्किल मौकों पर जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी बाकी ग्रुप को शांत रखने और धैर्य बनाए रखने में मदद कर सकती है।

भारत के कप्तान ने कहा, "मनप्रीत और मंदीप के लिए यह उनका चौथा वर्ल्ड कप है। मेरे लिए यह तीसरा है। जब कोई सीनियर खिलाड़ी मुश्किल हालात में आगे आता है, तो इससे टीम में आत्मविश्वास आता है।"

हरमनप्रीत ने टीम के एक ही हिस्से से नेतृत्व पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग विभाग में अनुभवी खिलाड़ियों के होने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्हें लगता है कि संतुलन से भारत के पास जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारी संभालने के काबिल कई खिलाड़ी हैं।

दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने हॉकी विश्व कप 2026 में भारत को 1975 के बाद पदक दिलाने के अपनी पूरी ताकत लगाने की बात कही है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   15 Aug 2026 2:44 PM IST

Tags

Next Story