मुरली कार्तिक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यादगार जीत के नायक, पर्याप्त मौके न मिलने के कारण छोटा रहा इंटरनेशनल करियर

मुरली कार्तिक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यादगार जीत के नायक, पर्याप्त मौके न मिलने के कारण छोटा रहा इंटरनेशनल करियर
टीम इंडिया के पूर्व स्पिन गेंदबाज मुरली कार्तिक का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। कार्तिक वानखेड़े के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली यादगार जीत के नायक रहे। हालांकि, हरभजन सिंह और अनिल कुंबले के टीम में होने के कारण उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर ज्यादा मौके नहीं मिले।

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। टीम इंडिया के पूर्व स्पिन गेंदबाज मुरली कार्तिक का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। कार्तिक वानखेड़े के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली यादगार जीत के नायक रहे। हालांकि, हरभजन सिंह और अनिल कुंबले के टीम में होने के कारण उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर ज्यादा मौके नहीं मिले।

मुरली कार्तिक का जन्म 11 सितंबर, 1976 को चेन्नई में हुआ। कार्तिक के परिवार में पढ़ाई को काफी महत्व दिया जाता था। हालांकि, उनका बचपन से क्रिकेट से खास लगाव हो गया था। 12 साल की उम्र में ही कार्तिक ने इस खेल में अपना करियर बनाने की ठान ली थी। क्रिकेट के साथ-साथ कार्तिक पढ़ाई में भी अच्छे थे। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से वाणिज्य में ग्रेजुएशन की।

कार्तिक ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपना डेब्यू साल 1996 में किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार दमदार प्रदर्शन के बूते जल्द ही वह सिलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहे। साल 2000 में मुरली कार्तिक को भारत की जर्सी में अपना पहला मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलने को मिला। डेब्यू टेस्ट मैच में कार्तिक ने 3 विकेट निकाले। इसके बाद उन्होंने साल 2002 में वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू जिम्बाब्वे के खिलाफ किया।

मुरली कार्तिक ने भारत के लिए कुल 8 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 24 विकेट अपने नाम किए। कार्तिक ने साल 2004 में वानखेड़े के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम को यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कार्तिक ने पहली पारी में 4 और दूसरी में 3 विकेट लेते हुए भारत को रोमांचक से भरे मुकाबले में 13 रनों से जीत दिलाई। इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम दूसरी पारी में सिर्फ 93 रन बनाकर ऑलआउट हुई।

हालांकि, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज गेंदबाजों के टीम में होने की वजह कार्तिक को क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में ज्यादा मौके नहीं मिले। मुरली ने कुल 37 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 5.07 की इकोनॉमी से 37 विकेट चटकाए।

कार्तिक ने भारत के लिए सिर्फ एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला और इसमें वो कोई विकेट नहीं ले सके। हालांकि, फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड कमाल का रहा। मुरली कार्तिक ने 203 मैचों में 644 विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने 36 बार एक पारी में पांच विकेट निकाले।

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Created On :   10 Sept 2026 9:12 PM IST

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