नालंदा विश्वविद्यालय का तृतीय स्नातकोत्सव समारोह 19 मई को, विभिन्न देशों के 219 स्नातकों को प्रदान की जाएगी डिग्री

नालंदा विश्वविद्यालय का तृतीय स्नातकोत्सव समारोह 19 मई को, विभिन्न देशों के 219 स्नातकों को प्रदान की जाएगी डिग्री
बिहार के नालंदा जिले के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय का तृतीय स्नातकोत्सव (दीक्षांत) समारोह 19 मई को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।यह समारोह विश्वविद्यालय के नव-निर्मित 2000 सीट क्षमता वाले 'विश्वमित्रालय' सभागार में संपन्न होगा।

राजगीर, 18 मई (आईएएनएस)। बिहार के नालंदा जिले के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय का तृतीय स्नातकोत्सव (दीक्षांत) समारोह 19 मई को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।यह समारोह विश्वविद्यालय के नव-निर्मित 2000 सीट क्षमता वाले 'विश्वमित्रालय' सभागार में संपन्न होगा।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) की विशेष उपस्थिति समारोह में होगी। वहीं, विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) रुद्रंद्र टंडन विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।

विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं के समापन के केवल नौ दिन बाद ही स्नातकोत्सव समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह समयबद्ध आयोजन छात्रों को शीघ्र उपाधि दिलाकर उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक मार्ग को सुदृढ़ करने के प्रति विश्वविद्यालय की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस समारोह में 2024-26 बैच के कुल 219 स्नातकों को डिग्री प्रदान की जाएगी।

ये स्नातक 14 विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें वियतनाम, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार सहित अनेक राष्ट्र शामिल हैं जो नालंदा विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और विविध शैक्षणिक वातावरण का प्रतीक है।

शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए आठ मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें सात छात्राएं शामिल हैं । यह विश्वविद्यालय में महिला छात्रों की प्रगति और उपलब्धि का उत्साहवर्धक संकेत है। स्नातकोत्सव समारोह के पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के 'कौटिल्य सेंटर फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग' का भी उद्घाटन किया जाएगा।

बता दें कि स्नात्कोत्सव के पहले विश्वविद्यालय ने पहली बार शास्त्रार्थ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य भारतीय चिंतन परंपरा में निहित तर्क, प्रमाण, संवाद और सत्य की खोज की परंपरा को आधुनिक अकादमिक पद्धति के साथ पुनर्जीवित करना है। यह पहल गुरु-शिष्य परंपरा की उस जीवंत भावना को पुनर्स्थापित करने का प्रयास माना जा रहा है।

--आईएएनएस

एमएनपी/वीसी

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Created On :   18 May 2026 8:42 PM IST

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