एनआईईपीए ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मनाया 20वां स्थापना दिवस, नए एआई और आर्ट्स कोर्स लॉन्च

एनआईईपीए ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मनाया 20वां स्थापना दिवस, नए एआई और आर्ट्स कोर्स लॉन्च
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) ने नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में अपना 20वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में भारत प्रकाशन (दिल्ली) लिमिटेड के संपादक और ऑर्गनाइजर प्रफुल्ल केतकर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) ने नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में अपना 20वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में भारत प्रकाशन (दिल्ली) लिमिटेड के संपादक और ऑर्गनाइजर प्रफुल्ल केतकर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

उन्होंने कहा, "आज भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन' (एनआईईपीए) ने अपनी 20वीं वर्षगांठ मनाई। यह एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जो भारत की शिक्षा नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है।"

उन्होंने बताया कि आज एआई और आर्ट्स को लेकर भी नए कोर्स लॉन्च हुए हैं। उन्होंने 'विकसित भारत 2047 में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका' पर बात करते हुए कहा कि 2047 की बात सभी करते हैं, लेकिन 2035 तक हमें अपनी सोच को औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्त करने की जरूरत है। 'हर घर तिरंगा’ अभियान पर उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा काम है, लेकिन देश के प्रति प्रेम केवल किसी अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर जगह और हर समय लोगों के मन में होना चाहिए।

एनआईईपीए के 20वें स्थापना दिवस पर संस्थान के चांसलर प्रोफेसर रामा शंकर दुबे ने कहा, "अगर हम समाज में बदलाव के जरिया को देखें, तो वह शिक्षा है। हम शिक्षा के जरिए ही समाज बदल सकते हैं। इसलिए, हमें ऐसी ह्यूमन कैपिटल (मानव पूंजी) तैयार करनी चाहिए, जो काबिल हो और जो हमारी राष्ट्रीय, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर सके।"

उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की बड़ी भूमिका है। इसलिए संस्थानों को ज्ञान, नवाचार और जिम्मेदार नेतृत्व के केंद्र के रूप में काम करना चाहिए।

एनआईईपीए के 20वें स्थापना दिवस पर एनआईईपीए के रजिस्ट्रार सीएस. सूर्य नारायण मिश्रा ने कहा, "एनआईईपीए की पॉलिसी भारत की शिक्षा प्रणाली की रीढ़ है। हम पिछले 20 वर्षों से इस पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। हम पॉलिसी को लागू करने और पॉलिसी बनाने में सबसे आगे रहेंगे।"

उन्होंने कहा कि संस्थान शिक्षा नीति, रिसर्च और बेहतर योजना के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है। इसका मकसद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और नीतियों को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू करना है।

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Created On :   11 Aug 2026 10:30 PM IST

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