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मंत्रिमंडल की मंजूरी: निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों के लिए अब एक ही कानून, केंद्र सरकार ने नाशिक मनपा को मंजूर किए 26 करोड़ रुपए

Mumbai News. राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश में स्थायी स्वयं वित्तपोषित निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों की स्थापना करने के नियमों में संशोधन करने और उसके आधार पर दिशानिर्देश जारी करने को मंजूरी दी है। यह दिशानिर्देश लागू होने पर इन विश्वविद्यालयों के कामकाज और कार्य के विनियमन करने संबंधित 5 फरवरी 2021 का शासनादेश रद्द हो जाएगा। इससे प्रत्येक निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों के लिए स्वतंत्र अधिनियम बनाने के बजाय अब राज्य में स्थापित होने वाले स्थायी स्वयं वित्तपोषित निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों के लिए अब एक ही कानून लागू होगा। सरकार ने निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों के स्थापित करने का प्रस्ताव, आवश्यक जमीन, निर्माण कार्य और दान निधि को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। स्थायी स्वयं वित्तपोषित निजी कौशल्य विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए इच्छुक संबंधित संस्थाओं (प्रायोजक मंडल) को महाराष्ट्र निजी कौशल्य विश्वविद्यालय (स्थापना व विनियमन) अधिनियम -2024 के प्रावधानों के अनुसार सरकार के पास प्रस्ताव भेजना होगा। प्रस्ताव के साथ एक करोड़ रुपए शुल्क भी जमा करना पड़ेगा। छानबीन समिति की सिफारिशों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी के मंजूरी से इरादा पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद प्रायोजक मंडल को एक साल में आवश्यक दस्तावेजों के साथ सरकार को रिपोर्ट सौंपना होगा। अपवादात्मक स्थिति में सरकार यह अवधि बढ़ा सकती है। लेकिन प्रत्येक वर्ष के लिए 50 लाख रुपए (प्रस्तावित शुल्क का 50 प्रतिशत) शुल्क वसूला जाएगा। निजी कौशल्य विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद संबंधित अधिनियम में किसी प्रकार का संशोधन करने के लिए 50 लाख रुपए शुल्क जमा करना पड़ेगा।
- ग्रामीण अंचल के लिए नियम
निजी कौशल्य विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए संबंधित संस्था के पास ग्रामीण क्षेत्र में 25 एकड़, तहसील अथवा जिला मुख्यालय में 15 एकड़ और शहरी क्षेत्र (मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और ठाणे मनपा क्षेत्र को छोड़कर) 10 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। संबंधित संस्था के पास कम से कम 15 हजार वर्ग मीटर निर्माण वाली स्वतंत्र इमारत होनी चाहिए।
- शहरों के लिए नियम
मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे मनपा क्षेत्र के अलावा बागी अन्य सभी महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण में स्थापित होने वाले निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों के लिए 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होनी चाहिए। इसमें प्रशासनिक इस्तेमाल और विद्या संबंधी कार्यक्रम के आयोजन के लिए 15 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र पर निर्माण कार्य आवश्यक होगा। मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और ठाणे शहर में निजी कौशल्य विश्वविद्यालयों के लिए कम से कम 15 हजार वर्ग मीटर की स्वतंत्र इमारत होनी चाहिए।
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नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना की जमीन हस्तांतरण शुल्क में 25 प्रतिशत छूट
प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए खरीदी जाने वाली जमीनों के हस्तांतरण शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने इस फैसले को मंजूरी दी है। इससे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिल सकेगी। महाराष्ट्र नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण नीति (2025 2036) में जमीन संबंधित कानून के प्रावधानों में 25 प्रतिशत हस्तांतरण शुल्क में रियायत दी जाएगी। अगर कोई कंपनी हस्तांतरण शुल्क में छूट लेने के बाद संबंधित जमीन का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए करेगी अथवा बेच देगी तो हस्तांतरण शुल्क की राशि ब्याज सहित वसूल की जाएगी।
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कंपनियों के बीच जमीन हस्तांतरण पर मुद्रांक शुल्क माफ
प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए मुख्य कंपनी द्वारा पहली बार जमीन खरीदते समय मुद्रांक शुल्क भरा जाता है लेकिन उसके बाद स्थापित किए जाने वाली ग्रुप कंपनी अथवा विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) कंपनी के जरिए जमीन के हस्तांतरण में अब मुद्रांक शुल्क पूरी तरह से माफ रहेगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
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देरी से मिलने वाले मुआवजे पर ज्यादा मिलेगा ब्याज दर
भूमि अधिग्रहण, पुनर्वसन व पुनर्स्थापना करते समय दिए मुआवजे में देरी होने पर दिए जाने वाले ब्याज में संशोधन को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। अब यह ब्याज दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से व्यावसायिक बैंकों जिस ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जाता है उससे एक प्रतिशत अधिक ब्याज दर होगा। सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण किया जाता है। इसके लिए मुआवजा दिया जाता है लेकिन देरी होने पर मुआवजे की राशि पर ब्याज भी दिया जाता है।
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केंद्र सरकार ने नाशिक मनपा को मंजूर किए 26 करोड़ रुपए
केंद्र सरकार ने नाशिक मनपा की ओर से जुटाए गए 200 करोड़ रुपए के बांड के मद्देनजर 26 करोड़ रुपए का अनुदान मंजूर किया है। राज्य के नगर विकास विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी किया है। केंद्र सरकार के अमृत 2.0 अभियान को जुलाई 2022 से राज्य में लागू किया गया है। इस योजना के तहत जलापूर्ति, मलजल प्रबंधन, जलभंडारणों का पुनर्जीवन और हरित क्षेत्र की परियोजना का काम किया जाता है। बीते दिसंबर महीने में नाशिक मनपा ने गोदावरी नदी की सफाई के लिए 200 करोड़ रुपए का बांड जुटाया था। साल 2027 में आयोजित होने वाले नाशिक- त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभमेला के मद्देनजर गोदावरी नदी की सफाई की योजना है। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने 26 करोड़ रुपए अनुदान राशि के रूप में मंजूर किया है।
कृषि निदेशालय में चार पदों के सृजन को मंजूरी
प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के अधीन कृषि आयुक्तालय में एक निदेशक, दो सहनिदेशक और एक अतिरिक्त निदेशक पद सृजित किए जाएंगे। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने इन चार पदों के निर्माण को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार राज्य में कृषि अभियांत्रिकी, संपत्ति प्रबंधन व एग्रीस्टैक निदेशालय स्थापित किया गया है। इसके लिए एक कृषि निदेशक, एक सहनिदेशक (सांख्यिकी), एक सहनिदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी) और एक अतिरिक्त सहनिदेशक पद का सृजन किया जाएगा।
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हदगांव येथे जिल्हा व अतिरिक्त सत्र न्यायालय
राज्य मंत्रिमंडल ने नांदेड़ के हदगांव तहसील जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय व सरकारी वकील कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है। नए अदालत को बनाने के लिए 1 करोड़ 83 लाख रुपए के खर्च को मान्यता दी गई है। हदगांव के जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय के लिए 19 नियमित और 6 पद आउटसोर्सिंग मिलाकर 25 पदों और सरकारी वकील कार्यालय के लिए 4 पदों को मंजूरी दी गई है। नांदेड़ में 344 दिवानी और 327 फौजदारी कुल 671 प्रलंबित प्रकरण को हदगांव के न्यायालय में हस्तांतरित किए जाएंगे।
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लातूर के चीनी कारखाना के लिए 18 करोड़ रुपए कर्ज मांगा जाएगा
लातूर के औसा तहसील के किल्लारी में स्थित श्री नीलकंठेश्वर शेतकरी सहकारी चीनी कारखाने को राष्ट्रीय सहकार विकास निगम (एनसीडीसी) से कर्ज लेने के लिए प्रस्ताव भेजने को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इस कारखाने के लिए 18 करोड़ 9 हजार रुपए का कर्ज लेने का प्रस्ताव एनसीडीसी के पास भेजा जाएगा।
Created On :   11 Aug 2026 10:40 PM IST
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