खुलासा: रिश्वत की पकड़ी गई बड़ी मनी ट्रेल, पुणे पीसीडीए में बड़ा भ्रष्टाचार, सवा करोड़ के ठेकों में कटमनी का खेल

रिश्वत की पकड़ी गई बड़ी मनी ट्रेल, पुणे पीसीडीए में बड़ा भ्रष्टाचार, सवा करोड़ के ठेकों में कटमनी का खेल
  • पुणे पीसीडीए में बड़ा भ्रष्टाचार
  • 1.22 करोड़ के ठेकों में कटमनी का खेल
  • 20 हजार की सैलरी, खाते में लाखों का लेन-देन

Mumbai News. रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पीसीडीए- दक्षिण कमान) कार्यालय में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने रक्षा मंत्रालय के आंतरिक सतर्कता विभाग की रिपोर्ट और अतिरिक्त रक्षा लेखा नियंत्रक मणिवेलन के. की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सक्षम प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति मिलने के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। सीबीआई ने इस मामले में जिन दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, उनकी पहचान पुणे पीसीडीए के सहायक लेखा अधिकारी सुभाष कुमार, ऑडिटर उर्वशी कुमावत और संविदाकर्मी व बिचौलिया आदिनाथ दत्तात्रेय पोपलाकर के रूप में हुई है।

1.22 करोड़ के ठेकों में कटमनी का खेल

जांच में खुलासा हुआ है कि पीसीडीए से लगभग 1.22 करोड़ के ठेके हासिल करने वाली तीन निजी फर्मों मैसर्स सत्य नारायण सिक्योरिटी एंड मैनपावर सॉल्यूशन(नासिक), मैसर्स जीनियस टेक्नोलॉजी,(पुणे) और मैसर्स रुद्र वेंचर्स (पुणे) से अनुचित रिश्वत वसूलने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क बनाया गया था। इसके लिए संविदाकर्मी आदिनाथ पोपलाकर को बिचौलिए के तौर पर तैनात किया गया था।

बैंक खातों में ट्रैप हुई रिश्वत की मनी ट्रेल

जांच एजेंसियों ने बैंक खातों के सूक्ष्म विश्लेषण के जरिए रिश्वत के पैसों की आवाजाही को रंगे हाथों पकड़ा है।

फरवरी से नवंबर 2025 के बीच आदिनाथ के खाते में तीन ठेकेदार कंपनियों से कुल 2,72,000 की कटमनी जमा की गई।

मई 2025 में आदिनाथ ने रिश्वत में से 85,500 ऑडिटर उर्वशी कुमावत के एक्सिस बैंक खाते में भेजे। इसके बाद 23 मई 2025 को उर्वशी ने इसमें से 85,000 मुख्य लाभार्थी सहायक लेखा अधिकारी सुभाष कुमार के एसबीआई खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

20 हजार की सैलरी, खाते में लाखों का लेन-देन

महज 20,000 प्रति माह कमाने वाले संविदा कर्मी आदिनाथ पोपलाकर के बैंक खातों में संदिग्ध रूप से लाखों रुपयों का टर्नओवर मिला है। 1 अप्रैल 2024 से 10 जून 2025 के दौरान उसके एक खाते में 14.46 लाख क्रेडिट और 14.95 लाख डेबिट हुए। वहीं दूसरे खाते में 20.09 लाख का लेन-देन दर्ज किया गया, जो साफ तौर पर रिश्वत के पैसे को ठिकाने लगाने के रूट को उजागर करता है।

सतर्कता जांच में सामने आया कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान बैटरी, यूपीएस और हाई-एंड सर्वर की खरीद में नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया। आरोपी सुभाष कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर पसंदीदा पक्षों को फायदा पहुंचाया, जिससे सरकारी खजाने को 50 लाख का भारी नुकसान हुआ। सीबीआई की जांच फिलहाल जारी है।

Created On :   11 Aug 2026 7:50 PM IST

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