बॉम्बे हाई कोर्ट: मुंबई खादी और ग्रामोद्योग संघ पर ढाई लाख का जुर्माना, नहीं कर सकते खादी शब्द और चरखा लोगो का इस्तेमाल

मुंबई खादी और ग्रामोद्योग संघ पर ढाई लाख का जुर्माना, नहीं कर सकते खादी शब्द और चरखा लोगो का इस्तेमाल
  • अदालत ने एमकेवीआईए को ‘खादी' शब्द और ‘चरखा' लोगो का इस्तेमाल नहीं करने की दी चेतावनी
  • अदालत ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की याचिका पर सुनाया फैसला

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘खादी' शब्द और ‘चरखा' लोगो के उल्लंघन के मामले में मुंबई खादी और ग्रामोद्योग संघ (एमकेवीआईए) पर 2 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने एमकेवीआईए को ‘खादी' शब्द और ‘चरखा' लोगो का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि निषेधाज्ञा के कुछ महीने बाद मई 2023 में एमकेवीआईए के परिसर में "खादी महोत्सव 2.0’ नाम से तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। महोत्सव के आयोजन में निषेधाज्ञा आदेश की स्पष्ट शर्त का उल्लंघन था और एमकेवीआईए का आचरण कोर्ट के आदेश को शामिल किया गया है।

न्यायमूर्ति एम. एस. कार्निक और न्यायमूर्ति एस. एम. मोडक की पीठ ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि एमकेवीआईए के न्यासी बोर्ड द्वारा किसी भी व्यक्ति द्वारा "खादी’ या खादी प्रचार से संबंधित कोई भी आयोजन न करें, न ही वह आयोजन एमकेवीआईए के परिसर में हो या कहीं और हो। यह निर्देश इस बात से प्रभावित नहीं होगा कि संबंधित व्यक्ति केवीआईसी से प्रमाणित या अनुमोदित है या नहीं। पीठ ने माना कि एमकेवीआईए अब निषेधाज्ञा का पालन कर रहा है और उसके बाद कोई दूसरा महोत्सव आयोजित नहीं किया गया है। इसलिए कोर्ट ने संपत्ति की कुर्की या सिविल कारावास का आदेश नहीं दिया।

पीठ ने धारा 151 सीपीसी के तहत एमकेवीआईए को 2 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जो उसे केवीआईसी को मुकदमेबाजी लागत के रूप में देने का निर्देशदिया। यह राशि चार सप्ताह के अंदर देना होगा। एमकेवीआईए के सभी ट्रस्टियों को भविष्य में रहने और ऐसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सावधान रहने की चेतावनी दी गई है, जिससे "खादी’ उत्पादों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बिक्री "खादी’ नाम और ‘चरखा’ चिह्न का उपयोग नहीं हो।

केवीआईसी ने एमकेवीआईए के खिलाफ "खादी’ शब्द और ‘चरखा’ लोगो के उपयोग के साथ-साथ वर्णमाला के उल्लंघन और इसमें शामिल होने का आरोप लगाया था। 14 दिसंबर 2022 को हाई कोर्ट की एक एकल पीठ ने एमकेवीआईए के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की थी। इसके बावजूद एमकेवीआईए द्वारा "खादी’ शब्द और ‘चरखा’ प्रतीक का उपयोग किया जा रहा था और केवीआईसी के पंजीकृत निशानों की प्रमुखता की नकल की गई थी।

Created On :   9 Aug 2026 10:22 PM IST

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