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Mumbai News: डीआरआई ने 20.76 करोड़ के सिगरेट तस्करी रैकेट का किया पर्दाफाश

Mumbai News राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिगरेट तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 20.76 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी सिगरेट जब्त की हैं। इस मामले में जांच डीआरआई ने मुंबई के रहने वाले मास्टरमाइंड आदिल अब्दुल गफूर सिपी(36) को गिरफ्तार किया है। सिपी पर इस पूरे तस्करी रैकेट के लिए वित्तीय साधन जुटाने और सीमा शुल्क क्लियरेंस कराने के लिए नेटवर्क तैयार करने का आरोप है।
यह कार्रवाई तब शुरू हुई, जब डीआरआई के अधिकारियों ने चेन्नई पोर्ट पर पहुंचे एक संदिग्ध शिपिंग कंटेनर को रोका। आयात दस्तावेजों में दावा किया गया था कि कंटेनर मेंरोपण के लिए कमल के बीज भरे हुए हैं। हालांकि, जब अधिकारियों ने इस कंटेनर की गहन जांच की, तो उसमें कमल के बीज का एक भी दाना नहीं मिला। इसके बजाय, 1,038 मास्टर कार्टन में पैक की गई 1,03,80,000 विदेशी सिगरेट बरामद हुईं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 20.76 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कंबोडिया से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
डीआरआई की जांच में इस तस्करी के तार कंबोडिया से जुड़े होने का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी आदिल सिपी ने सितंबर 2025 में अपने सहयोगी श्रीनिवास केलकर उर्फ समीर के साथ कंबोडिया की यात्रा की थी। वहां उनकी मुलाकात हेमंत कुमार और राजेश कुमार नाम के दो व्यक्तियों से हुई। मुलाकात के दौरान उन्हें बताया गया कि सिगरेट की यह खेप मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के एक खरीदार के लिए तैयार की गई थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया का आर्डर अचानक से रद्द होने से आरोपी इस भारी-भरकम खेप को भारत में खपाने की फ़िराक में थे। इसके लिए उन्होंने चेन्नई में एक नया खरीदार ढूंढा और भारत में इसे अवैध रूप से लाने की साजिश रची।
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क्लियरेंस के लिए 1.80 करोड़ की डील
सिगरेट को भारत लाने और कस्टम्स से बिना रोक-टोक निकालने के लिए सिपी ने अपने एक पड़ोसी के माध्यम से एबी लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड के मोहन जाधव से संपर्क किया। जांच अधिकारियों के अनुसार, जाधव ने सीमा शुल्क क्लियरेंस कराने के एवज में 1.80 करोड़ रुपये की मांग की, जिसमें से 80 लाख रुपये एडवांस और 1 करोड़ रुपये क्लियरेंस के बाद दिए जाने थे। जांच से पता चला है कि सिपी और केलकर ने नवंबर और दिसंबर 2025 के बीच बैंक ट्रांसफर और कैश के जरिए क्लियरेंस फंड का एक बड़ा हिस्सा जुटाया। इस काम के बदले उन्हें कस्टम्स क्लियरेंस खर्च का 20 प्रतिशत यानी लगभग 36 लाख रुपये कमीशन मिलने का वादा किया गया था।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
आरोपी अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब हो पाते और बिल ऑफ एंट्री दाखिल करते, डीआरआई अधिकारियों ने समय रहते छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। डीआरआई ने आदिल सिपी को सीमा शुल्क अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सिगरेट तस्करी के इस पूरे नेटवर्क, बैंक लेन-देन और कंबोडिया में मौजूद अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए सिपी से हिरासत में पूछताछ जारी है।
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Created On :   8 Aug 2026 7:29 PM IST










