शिकंजे में टेलीग्राम ग्रुप: भारत से अच्छा पाकिस्तान पोस्ट पर महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी कार्रवाई, ठाणे और पालघर से 5 हिरासत में संदिग्ध

भारत से अच्छा पाकिस्तान पोस्ट पर महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी कार्रवाई, ठाणे और पालघर से 5 हिरासत में संदिग्ध
  • जम्मू- कश्मीर का युवक कर रहा था टेलीग्राम ग्रुप को ऑपरेट, संदिग्धों के लगातार संपर्क में था
  • देश-विरोधी टेलीग्राम ग्रुप का भंडाफोड़
  • रडार पर आई आपत्तिजनक पोस्ट

Mumbai News. सोशल मीडिया पर देश-विरोधी, आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री फैलाने के खिलाफ महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। एटीएस की टीमों ने ठाणे जिले के मुंब्रा और पड़घा के साथ-साथ पालघर इलाके में छापेमारी कर ना सिर्फ़ देश विरोधी टेलीग्राम ग्रुप का भंडाफोड़ किया है, बल्कि पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में भी लिया है। एटीएस ने इस कार्रवाई के दौरान सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

2022 से टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे संदिग्ध

एटीएस के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए ये पांचों युवक साल 2022 से टेलीग्राम ऐप पर बने एक खास ग्रुप के जरिए आपस में जुड़े हुए थे। इस ग्रुप के जरिए लगातार देश-विरोधी और भड़काऊ विचार साझा किए जा रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप को जम्मू-कश्मीर का रहने वाला एक व्यक्ति ऑपरेट कर रहा था, जो लगातार इन युवकों के संपर्क में था।

रडार पर आई आपत्तिजनक पोस्ट

सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर एक बेहद विवादास्पद और आपत्तिजनक पोस्ट आने के बाद यह पूरी कार्रवाई शुरू हुई। इस पोस्ट में लिखा गया था कि “भारत में इस समय रहना बहुत खतरा है, इससे अच्छा पाकिस्तान है।” इसके अलावा भी इस ग्रुप में कई अन्य आपत्तिजनक सामग्री और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले संदेश शेयर किए जा रहे थे। एटीएस की साइबर सेल लंबे समय से इस डिजिटल नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी।

साजिश या व्यक्तिगत सोच? जांच में जुटी एजेंसियां

फिलहाल एटीएस की अलग-अलग टीमें हिरासत में लिए गए पांचों संदिग्धों से अलग-अलग कमरों में आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि यह महज युवकों की व्यक्तिगत सोच थी या इसके पीछे किसी बड़े चरमपंथी संगठन या देश-विरोधी नेटवर्क का सुनियोजित एजेंडा शामिल है। जब्त किए गए मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक और डिजिटल जांच की जा रही है, ताकि उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, चैट हिस्ट्री और सोशल मीडिया गतिविधियों से नेटवर्क के असली आकाओं का पर्दाफाश किया जा सके। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।

Created On :   11 Aug 2026 8:00 PM IST

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