'पिनव्हील गैलेक्सी' क्या है? नासा ने दिखाई 25 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्पेस की खूबसूरत झलक

पिनव्हील गैलेक्सी क्या है? नासा ने दिखाई 25 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्पेस की खूबसूरत झलक
ब्रह्मांड की अनंत सुंदरता को करीब से देखने का एक और शानदार अवसर नासा ने प्रदान किया है। नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने मिलकर पिनव्हील गैलेक्सी के केंद्र की आश्चर्यजनक तस्वीर कैद की है। यह तस्वीर हाल ही में ली गई, जिसमें गैलेक्सी की चमक साफ नजर आ रही है।

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। ब्रह्मांड की अनंत सुंदरता को करीब से देखने का एक और शानदार अवसर नासा ने प्रदान किया है। नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने मिलकर पिनव्हील गैलेक्सी के केंद्र की आश्चर्यजनक तस्वीर कैद की है। यह तस्वीर हाल ही में ली गई, जिसमें गैलेक्सी की चमक साफ नजर आ रही है।

पिनव्हील गैलेक्सी यह एक विशाल सर्पिल आकार की आकाशगंगा है, जिसे वैज्ञानिक मेसियर 101 यानी एम-101 के नाम से भी जानते हैं। इसका आकार ठीक पिनव्हील (चर्खी) जैसा है, इसलिए इसे पिनव्हील गैलेक्सी कहा जाता है। यह पृथ्वी से लगभग 25 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है और पृथ्वी से सबसे करीब की 'फेस-ऑन' सर्पिल गैलेक्सिज में से एक है।

'फेस-ऑन' का मतलब है कि हम इस गैलेक्सी को सीधे उसके चेहरे की तरफ से देख सकते हैं। इससे इसके चमकीले केंद्र, सर्पिल भुजाओं और तारों के निर्माण वाले क्षेत्रों को बहुत अच्छी तरह देखा जा सकता है। इस गैलेक्सी को लेकर खगोलविदों का अनुमान है कि इसमें कम से कम एक ट्रिलियन यानी लगभग 1 हजार अरब तारे मौजूद हैं। इसके सर्पिल भुजों में बड़े-बड़े स्टार-फॉर्मिंग नेबुला बिखरे हुए हैं, जहां नए तारे लगातार जन्म ले रहे हैं।

नासा की नई जारी की गई तस्वीर में गैलेक्सी का पीला और चमकीला केंद्र साफ दिख रहा है। इसके चारों ओर नारंगी-भूरी धूल के बादल और गुलाबी रंग के तारों के धब्बे नजर आ रहे हैं। हबल टेलीस्कोप ने अल्ट्रावॉयलेट, विजिबल और नियर-इन्फ्रारेड डेटा प्रदान किया, जबकि जेम्स वेब ने इन्फ्रारेड से धूल और गैस के बीच छिपे रहस्यों को उजागर करने में मदद की।

पिनव्हील गैलेक्सी उत्तरी गोलार्ध में उरसा मेजर तारामंडल में स्थित है, जिसे आम बोलचाल में 'बिग डिपर' भी कहते हैं। वैज्ञानिक इस गैलेक्सी का अध्ययन इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह तारों की आबादी, गैलेक्सी की संरचना और नए तारों के जन्म को समझने में महत्वपूर्ण है।

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Created On :   29 April 2026 3:52 PM IST

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