प्रयागराज में रमा एकादशी पर यमुना में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, सुख-समृद्धि की कामना

प्रयागराज में रमा एकादशी पर यमुना में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, सुख-समृद्धि की कामना
कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली रमा एकादशी के पावन अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में पवित्र डुबकी लगाई। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान कर भगवान से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूरे घाट पर भक्ति और आस्था का माहौल दिखाई दिया।

प्रयागराज, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली रमा एकादशी के पावन अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में पवित्र डुबकी लगाई। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान कर भगवान से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूरे घाट पर भक्ति और आस्था का माहौल दिखाई दिया।

तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, कार्तिक मास में यमुना स्नान का विशेष महत्व है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक महीने के संकल्प के साथ स्नान करने के लिए आते हैं।

तीर्थ पुरोहित पंडित महेंद्र मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि आज कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी है। सुबह 10.30 बजे के बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्तिक एकादशी का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। जो श्रद्धालु एक महीने के लिए स्नान का संकल्प लेते हैं, वे पहले से ही घाट पर मौजूद हैं। वहीं जो लोग किसी कारण से संकल्प नहीं ले पाए थे, वे आज से अपने कार्यों से निवृत्त होकर स्नान की शुरुआत कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कार्तिक मास में भगवान कृष्ण और यमुना का एक विशेष संबंध माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जो पुण्य बारह महीने गंगा में स्नान करने से प्राप्त होता है, वही पुण्य एक महीने तक कार्तिक में स्नान करने से मिल जाता है। यही कारण है कि श्रद्धालु इस मास में विशेष रूप से यमुना स्नान को महत्व देते हैं।

यमुना में स्नान करने आई श्रद्धालु अंजू सिंह ने कहा कि आज एकादशी के अवसर पर वे यमुना जी में स्नान करने आई हैं। उन्होंने स्नान और ध्यान के बाद अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की है। अंजू सिंह की तरह ही अन्य श्रद्धालुओं ने भी स्नान के बाद पूजा-अर्चना की और अपने परिवार के कल्याण के लिए प्रार्थना की।

घाट पर श्रद्धालुओं ने फूल, फल और पूजा सामग्री के साथ यमुना जी की पूजा की। महिलाओं ने समूह में बैठकर भजन-कीर्तन भी किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने श्रद्धा के साथ यमुना में डुबकी लगाई।

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