राजद नेता शक्ति यादव का दावा, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीत रहे हैं

राजद नेता शक्ति यादव का दावा, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीत रहे हैं
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा, जनसुराज और राजद प्रत्याशी के बीच टक्कर है। इन दलों के प्रत्याशी लगातार डोर-टू-डोर कैंपेन कर जनसमर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता शक्ति यादव ने दावा किया है कि उनकी पार्टी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीत रही है।

पटना, 18 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा, जनसुराज और राजद प्रत्याशी के बीच टक्कर है। इन दलों के प्रत्याशी लगातार डोर-टू-डोर कैंपेन कर जनसमर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता शक्ति यादव ने दावा किया है कि उनकी पार्टी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीत रही है।

पटना में राजद नेता शक्ति यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए दावा किया कि भाजपा का किला ध्वस्त होने वाला है। राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता के डर से भाजपा ने तो अपना उम्मीदवार बदल दिया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जनता को एक अच्छा जनप्रतिनिधि मिलने वाला है। बांकीपुर का दलित-पिछड़ा मुसलमान भाजपा को नकार कर राजद प्रत्याशी को जीत की माला पहनाने वाला है।

दूसरी ओर, संसद सत्र का जिक्र करते हुए राजद नेता ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल संसद के इस सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, सीमा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था का कमजोर होना, देश पर बढ़ता कर्ज का बोझ, प्रशासनिक अराजकता और संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा।

उन्होंने वंदे मातरम् का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार वंदे मातरम् को लेकर कोई कानून लाना चाहती है तो यह उसका फैसला है। हमारी वंदे मातरम्, जन-गण-मन, देश, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में आस्था है। हम उन सभी का सम्मान करते हैं। हम किसी भी धर्म का अनादर नहीं करते। जो लोग धर्म-आधारित राजनीति करते हैं, वे देश को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से कमजोर करते हैं।

राजद के चीफ लालू यादव के स्वास्थ्य को लेकर शक्ति यादव ने कहा कि हाल ही में लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच की और उन्हें निगरानी में रखा है।

परिसीमन बिल का जिक्र करते हुए राजद नेता ने कहा कि परिसीमन एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है। दक्षिण भारत और उत्तर भारत के लोगों की भावनाएं अलग-अलग हैं। अगर सरकार परिसीमन करना चाहती है तो उसे सबसे पहले मौजूदा सीटों के आधार पर महिला आरक्षण बिल लागू करना चाहिए, जिसे 2022 में पास किया गया था, लेकिन सरकार इसे लागू नहीं करना चाहती। इसके बजाय, वह इस मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है। देश की एकता पर आघात स्वीकार नहीं है।

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Created On :   18 July 2026 6:15 PM IST

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