राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एफपीओ को बताया किसानों की समृद्धि की कुंजी
लखनऊ, 24 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कृषि क्षेत्र में शोध और नवाचारों को सीधे किसानों तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि केवल शोधपत्रों और व्याख्यानों से कृषि की चुनौतियों का समाधान नहीं होगा। नई तकनीक, उपकरण और वैज्ञानिक शोध का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उन्हें किसानों के खेतों तक पहुंचाकर व्यवहारिक रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त बनाकर किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
नाबार्ड, लखनऊ में आयोजित ‘एफपीओ स्तरीय कृषि चुनौतियों पर चर्चा’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और किसान उत्पादक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण, भूमि की उर्वरता, फसल विविधीकरण और विपणन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।
राज्यपाल ने कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने शोध और तकनीकों के प्रभाव का ठोस आंकड़ा तैयार करें। यह स्पष्ट होना चाहिए कि नई तकनीकों के प्रयोग से उत्पादन में कितनी वृद्धि हुई, कितने किसानों को लाभ मिला और उनकी आय में कितना सुधार आया। उन्होंने विद्यार्थियों को भी अपने खेतों में जैविक खेती अपनाने और किसानों को इसके लिए प्रेरित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न एफपीओ द्वारा प्रदर्शित कृषि उत्पादों, फलों और मूल्य संवर्धित वस्तुओं का अवलोकन किया।
उन्होंने महिला किसानों और छोटे उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, प्रसंस्करण सुविधाओं को मजबूत करने और उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना और कार्यक्रम के केंद्र में किसान और आम जनता होनी चाहिए। विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले उत्पादन लक्ष्यों के साथ उनके उत्पादों की खरीद सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि शोध और उत्पादन का सीधा लाभ किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने भारत सरकार की योजनाओं और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की भी आवश्यकता बताई।
राज्यपाल ने अपने गुजरात के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जनभागीदारी, महिला सशक्तीकरण और प्रशासनिक समन्वय के बल पर बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने आदिवासी महिला किसानों को बाजार से जोड़ने और शिक्षा के क्षेत्र में चलाए गए अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही विकास का मॉडल तैयार होता है।
राज्यपाल ने अधिकारियों से सकारात्मक सोच और परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर समय-समय पर सरकार को सुझाव देने और संकल्प के साथ एफपीओ की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
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Created On :   24 Jun 2026 4:45 PM IST












