रांची आंदोलन छात्रों की सरकार के साथ वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो बोले- 'पेपर लीक पर निकले ठोस समाधान'

रांची आंदोलन छात्रों की सरकार के साथ वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो बोले- पेपर लीक पर निकले ठोस समाधान
झारखंड सरकार और रांची में आंदोलनरत छात्रों के बीच वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने समाधान की उम्मीद की है। उन्होंने कहा कि छात्र और सरकार मिलकर एक ऐसा समाधान लेकर आएं कि आगे पेपर लीक न हो।

रांची, 17 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड सरकार और रांची में आंदोलनरत छात्रों के बीच वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने समाधान की उम्मीद की है। उन्होंने कहा कि छात्र और सरकार मिलकर एक ऐसा समाधान लेकर आएं कि आगे पेपर लीक न हो।

अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन को पूरे झारखंड का समर्थन मिला है। 15 दिनों तक हमने भूख हड़ताल रखकर दर्द को झेला है। आज की वार्ता से उम्मीद करता हूं कि पीढ़ी दर पीढ़ी तक आने वाले छात्रों को पेपर लीक और धांधली का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम बनाया जाए, रिफॉर्म किया जाए और सरकार इसकी गारंटी दे। पेपर लीक के खिलाफ सरकार कड़े कानून लेकर आए। मुझे उम्मीद है कि वार्ता में इन बातों पर सहमति बनेगी।

महतो ने कहा कि मैंने जीवन में बहुत बार सीआईडी और सीबीआई जांच होते देखी हैं। ये जांच इस तरह होती है कि कुछ पल के लिए हमें लगता है कि हमें जीत मिली है, लेकिन वास्तव में छात्रों को न्याय नहीं मिल पाता है।

उन्होंने कहा, "हम सीजीएल की बात करते हैं। 29 जनवरी 2024 को अपने नेतृत्व में आंदोल करके रद्द कराया था। दोबारा परीक्षा होने पर भी पेपर लीक और धांधली हुई। जब गड़बड़ी हुई है तो पेपर रद्द होना ही है। सवाल यह है कि इसकी क्या गारंटी है कि अगली बार सीजीएल परीक्षा में धांधली नहीं होगी।"

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "छात्र और सरकार मिलकर एक ऐसा समाधान लेकर आएं कि आगे पेपर लीक न हो। जो भी पेपर लीक में शामिल रहे, उसके लिए आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया जाए।

सदर अस्पताल में भर्ती प्रदर्शनकारी छात्र राहुल क्रांति ने आईएएनएस से कहा, ""सरकार के रवैये और उसके बयानों को देखते हुए हमें नहीं लगता कि बातचीत सफल होगी। हमारी मांगों में सीबीआई जांच, 11-13 जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करना, सीजीएल परीक्षा को रद्द करना और 2019 के बाद हुई सभी परीक्षाओं की जांच शामिल है।"

राहुल क्रांति ने कहा कि हमारा मानना ​​है कि हेमंत-1 और हेमंत-2, दोनों सरकारों के कार्यकाल में हुई इन सभी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने आगे कहा, "हमें नहीं लगता है कि इस सरकार से रिफॉर्म हो पाएगा, क्योंकि उसका रवैया ठीक नहीं है। सरकार और आयोग दोनों मिले हुए हैं। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर देकर नौकरियां बेचने का काम किया गया। हेमंत सोरेन से मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं संभल रही है। मैं उनको चुनौती देता हूं कि आप मुझे छह महीने के लिए यह कुर्सी दे दो, परीक्षाओं में धांधली की जांच और रिफॉर्म करा सकता हूं। साथ ही, झारखंड के नौजवानों का भविष्य भी सुरक्षित कर दूंगा।"

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Created On :   17 Aug 2026 11:45 AM IST

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