समाज के समृद्ध लोग सामूहिक विवाह सम्मेलनों में शादी का करें ट्रेंड सेट सीएम मोहन यादव

समाज के समृद्ध लोग सामूहिक विवाह सम्मेलनों में शादी का करें ट्रेंड सेट सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन है। गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर रहे वर-वधुओं के लिए आने वाला समय कई जिम्मेदारियां लेकर आता है। सभी परिवारों के लिए विवाह का आयोजन आनंद और उत्सव का वातावरण निर्मित करता है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक ही मंडप में समाज के विभिन्न वर्गों के बेटे-बेटी वैवाहिक बंधन में बंधते हैं, सामूहिक चेतना का यह उत्सव फिजूल खर्ची और दिखावे पर रोक का संदेश देता है।

भोपाल, 7 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन है। गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर रहे वर-वधुओं के लिए आने वाला समय कई जिम्मेदारियां लेकर आता है। सभी परिवारों के लिए विवाह का आयोजन आनंद और उत्सव का वातावरण निर्मित करता है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक ही मंडप में समाज के विभिन्न वर्गों के बेटे-बेटी वैवाहिक बंधन में बंधते हैं, सामूहिक चेतना का यह उत्सव फिजूल खर्ची और दिखावे पर रोक का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि सरकार और समाज ने जब से सामूहिक विवाह का बीड़ा उठाया है तब से गरीब माता-पिता ने चैन की सांस ली है। समाज के समृद्ध लोग सादगी को अपने व्यवहार में उतारे और सामूहिक विवाह सम्मेलनों में विवाह का ट्रेंड सेट करें। इससे समाज का हर वर्ग विवाह के अनावश्यक खर्च से बचेगा और उपलब्ध संसाधनों का परिवार के भविष्य निर्माण में उपयोग किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में ही किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा की चिंता करना और उसके लिए पर्याप्त प्रबंध करना हर माता-पिता का दायित्व है।

वह गुरुवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित 200 बेटियों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री यादव ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान कर उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।

सीएम मोहन यादव ने बताया कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक 1 लाख 70 हजार 187 बेटियों के विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत कराए गए है। योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन से आर्थिक रूप से कमजोर भाई-बहनों की बेटियां भी पूरे सम्मान के साथ विदा होती हैं। समाज का कोई भी वर्ग हो, बच्चों का विवाह हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। सामूहिक विवाहों के आयोजन से अब विवाह के लिए माता-पिता को कर्ज नहीं लेना पड़ रहा है। समाज और सरकार एक-दूसरे के पूरक हैं। परिवर्तन के लिए समाज और सरकार दोनों का हाथ मिलाकर चलना जरूरी है। सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे आयोजन वर्तमान समय में समाज सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बन चुके हैं।

सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में विधायक आष्टा गोपाल सिंह इंजीनियर, अध्यक्ष जनपद पंचायत आष्टा श्रीमती दीक्षा सोनू गुणवान, जनप्रतिनिधि सहित वर-वधु और उनके परिजन उपस्थित थे।

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Created On :   7 May 2026 7:29 PM IST

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