कांग्रेस ने सत्ता की मलाई खाने के लिए डीएमके से वर्षों पुराना गठबंधन तोड़ा संजय निरुपम

कांग्रेस ने सत्ता की मलाई खाने के लिए डीएमके से वर्षों पुराना गठबंधन तोड़ा  संजय निरुपम
शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने तमिलनाडु में टीवीके पार्टी प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री बनने और महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

मुंबई, 10 मई (आईएएनएस)। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने तमिलनाडु में टीवीके पार्टी प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री बनने और महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

संजय निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "तमिलनाडु में कांग्रेस ने सत्ता की मलाई खाने के लिए वर्षों पुराना गठबंधन डीएमके से एक झटके में तोड़ दिया। अपने पांच विधायकों के साथ टीवीके से गठबंधन कर लिया। कांग्रेस पार्टी की आज हालत यह है कि वह अपने बूते पर सरकार बना नहीं सकती। 50 साल से तमिलनाडु में कांग्रेस सत्ता से दूर है। इस बीच ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे कांग्रेस की सरकार बने। कांग्रेस बैसाखी के सहारे चल रही है। पहले डीएमके के साथ थी, अब टीवीके का दामन थाम लिया।"

नासिक के टीसीएस केस को लेकर संजय निरुपम ने कहा, "मुसलमान इस देश को निशाने पर लेकर बैठा है। नासिक के टीसीएस कार्यालय में कॉर्पोरेट जिहाद हुआ, वहां काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों ने दो बेटियों का यौन उत्पीड़न किया और धर्म परिवर्तन करने का अभियान चलाया। यह जिहादी प्रवृत्ति के मुसलमान कर रहे हैं। ऐसे जिहादियों के नेता असदुद्दीन ओवैसी हैं। जिहादी मुसलमानों ने ये तय कर रखा है कि देश को हरा करना है। टीसीएस प्रकरण में पकड़ी गई निदा खान को संरक्षण देने वाले एआईएमआईएम के ही लोग हैं। जब पूरा देश और महाराष्ट्र पुलिस ने एआईएमआईएम का विरोध किया, तो ओवैसी ने आरोप लगा दिया कि उनको निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, इस देश के राष्ट्रवादी मुसलमानों को कोई निशाना नहीं बना रहा है, लेकिन जिहादियों से सरकार निपटेगी।"

असम, पश्चिम बंगाल सहित विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर संजय निरुपम ने कहा, "विपक्षी दल मतदाताओं की बदलती भावनाओं को स्वीकार करने के बजाय हार के लिए ईवीएम और मतदाता सूची संबंधी मुद्दों को जिम्मेदार ठहराते हैं, जो पूरी तरह गलत है। पश्चिम बंगाल में हार का ठीकरा इस बार एसआईआर पर फोड़ा गया है। विपक्ष और ममता दीदी को हार के असली कारण ढूंढने चाहिए, क्योंकि आज का मतदाता पूरी तरह से बदल गया है और सही सरकार चुन रहा है।"

संजय निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता से जुड़े एक प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर रही है, क्योंकि लिखित परीक्षा में असफल होने पर परमिट रद्द होने की आशंका को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक की पहल का जिक्र करते हुए निरुपम ने कहा कि चालकों को मराठी समझने और उसमें संवाद करने में मदद करने के लिए एक सरल मराठी शिक्षण पुस्तिका तैयार की गई है।

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Created On :   10 May 2026 8:00 PM IST

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