सर्गियो गोर ने नेपाल दौरे को बताया 'सार्थक', पीएम शाह से नहीं हो पाई मुलाकात

सर्गियो गोर ने नेपाल दौरे को बताया सार्थक, पीएम शाह से नहीं हो पाई मुलाकात
अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत और भारत के एंबेसडर सर्गियो गोर ने शनिवार को नेपाल की अपनी यात्रा समाप्त की और इसे "सार्थक" बताया। वहीं, अनुरोध के बावजूद प्रधानमंत्री शाह अपनी व्यस्तताओं के चलते अमेरिकी दूत से नहीं मिल पाए।

काठमांडू, 3 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत और भारत के एंबेसडर सर्गियो गोर ने शनिवार को नेपाल की अपनी यात्रा समाप्त की और इसे "सार्थक" बताया। वहीं, अनुरोध के बावजूद प्रधानमंत्री शाह अपनी व्यस्तताओं के चलते अमेरिकी दूत से नहीं मिल पाए।

इस दौरान गोर ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने, विदेश मंत्री शिशिर खनाल और वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, उन्होंने नेपाल के बड़े उद्यमियों के साथ भी चर्चा की।

शनिवार सुबह गोर ने लामिछाने से मुलाकात कर अमेरिका–नेपाल साझेदारी को मजबूत करने पर बात की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गोर ने लिखा कि नेपाल की नई सरकार के पास “परिवर्तन के लिए शानदार जनादेश” है और उसके सुधारों की दिशा सकारात्मक है।

द काठमांडू पोस्ट ने रविवार को बताया कि, अमेरिका ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और गोर के बीच बैठक का अनुरोध किया था, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि घरेलू प्राथमिकताओं और शासन संबंधी मुद्दों पर ध्यान देने के कारण यह मुलाकात नहीं हो सकी।

कुछ मंत्रियों, खासकर विदेश मंत्रालय से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री को गोर से मिलने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने अपने प्रोटोकॉल को बनाए रखा। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार, वे एक साल तक विदेश यात्रा भी नहीं करेंगे और केवल चुनिंदा देशों के विदेश मंत्रियों से ही मुलाकात करेंगे।

अमेरिकी दूतावास के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य अमेरिका–नेपाल संबंधों को और मजबूत करना और व्यापारिक सहयोग बढ़ाना था। उनका खास ध्यान नेपाल के उभरते टेक सेक्टर में अमेरिकी निवेश के अवसरों को लेकर था।

शुक्रवार को गोर ने खनाल और वाग्ले से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दोहराया। उन्होंने व्यापारिक माहौल सुधारने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा की।

गोर ने एवरेस्ट बेस कैंप का भी दौरा किया, जहां उन्हें अमेरिकी ड्रोन तकनीक और माउंट एवरेस्ट की सफाई के प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि नई ड्रोन तकनीक से अब कुछ ही मिनटों में डिलीवरी संभव हो सकती है, जो पहले कई दिनों में होती थी।

इसके अलावा, उन्होंने काठमांडू के न्हू छेन बहा में अक्षोभ्य बुद्ध की प्रतिमा की वापसी समारोह में भाग लिया। अमेरिका ने नेपाल को सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर लौटाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। गोर ने भक्तपुर दरबार स्क्वायर का भी दौरा किया और नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया।

27 मार्च को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद नेपाल का दौरा करने वाले गोर अब तक के सबसे वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक हैं।

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Created On :   3 May 2026 11:53 AM IST

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