सूर्यवंशी को बल्लेबाजी करते देखना किसी सिनेमा से कम नहीं पुजारा

सूर्यवंशी को बल्लेबाजी करते देखना किसी सिनेमा से कम नहीं पुजारा
राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मंगलवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ 16 गेंदों में 43 रन की तूफानी पारी खेली। भारत के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी की निडर सोच और दबाव में भी शांत रहने के तरीके को सराहा है।

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मंगलवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ 16 गेंदों में 43 रन की तूफानी पारी खेली। भारत के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी की निडर सोच और दबाव में भी शांत रहने के तरीके को सराहा है।

मंगलवार को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मैच में पंजाब किंग्स से मिले 223 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स को सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने महज 3.2 ओवरों में 51 रन की साझेदारी की। शानदार शुरुआत के बाद विशाल टारगेट के बावजूद आरआर ने मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम किया।

चेतेश्वर पुजारा ने 'जियोस्टार' से कहा, "वैभव सूर्यवंशी को बैटिंग करते देखना किसी सिनेमा से कम नहीं है। जिस तरह वह हर गेंदबाज का सामना निडर होकर करते हैं, वह कमाल का है। वह बस गेंद को देखते हैं और उस पर शॉट लगाने का आत्मविश्वास रखते हैं। सबसे खास बात यह है कि जब विरोधी टीम को पता होता है कि वह हमला करने वाले हैं, तब भी वे उसे रोक नहीं पाते। यही निरंतरता, पावरप्ले में उनकी निडर सोच के साथ मिलकर, उनकी टीम को एक निर्णायक बढ़त देती है और ऐसे मुकाबलों में जीत की राह बनाती है।"

राजस्थान रॉयल्स के सफल रन चेज के बावजूद, पंजाब किंग्स ने मिडिल ओवर्स के दौरान मैच में वापसी की कोशिश की। इसका श्रेय मुख्य रूप से लेग-स्पिनर युजवेंद्र चहल के प्रयासों को जाता है, जिन्होंने तीन अहम विकेट लिए और रनों की गति को धीमा कर दिया।

पुजारा ने चहल की परिस्थितियों के हिसाब से ढलने और आक्रामक बल्लेबाज के दबाव में भी अपनी गेंदबाजी में बदलाव करते रहने की क्षमता को सराहते हुए कहा, "युजवेंद्र चहल असाधारण थे, खासकर जिस तरह उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलाव किए। शॉट लगने के बाद भी, उनमें गेंद को हवा में उछालने, अपनी गति और लाइन बदलने का साहस था, जिससे उन्हें विकेट लेने के मौके मिले। 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच की गति पर उनका नियंत्रण बल्लेबाज के लिए क्रीज पर जमना मुश्किल बना देता है। टी20 क्रिकेट में, यह विविधता बहुत जरूरी होती है, और सबसे खास बात यह थी कि वह अपनी रणनीति पर टिके रहे और हमला करते रहे, जिससे उनकी गेंदबाजी बहुत असरदार साबित हुई।"

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Created On :   29 April 2026 5:17 PM IST

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