चौथी तिमाही में अदाणी पावर के मुनाफे में भारी बढ़ोतरी, 64 प्रतिशत बढ़कर 4,271 करोड़ रुपए पहुंचा

चौथी तिमाही में अदाणी पावर के मुनाफे में भारी बढ़ोतरी, 64 प्रतिशत बढ़कर 4,271 करोड़ रुपए पहुंचा
अदाणी ग्रुप की दिग्गज कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने मार्च 31 को खत्म हुई चौथी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ (कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) में पिछले वर्ष की तुलना में 64 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर 4,271 करोड़ रुपए हो गया। यह बढ़ोतरी बेहतर संचालन और कम टैक्स खर्च के कारण हुई है, जबकि बिजली की मांग में उतार-चढ़ाव बना हुआ था।

अहमदाबाद, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप की दिग्गज कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने मार्च 31 को खत्म हुई चौथी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ (कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) में पिछले वर्ष की तुलना में 64 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर 4,271 करोड़ रुपए हो गया। यह बढ़ोतरी बेहतर संचालन और कम टैक्स खर्च के कारण हुई है, जबकि बिजली की मांग में उतार-चढ़ाव बना हुआ था।

एक्सचेंज फाइलिंग में अदाणी पावर ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व (रेवेन्यू) 10 प्रतिशत बढ़कर 15,989 करोड़ रुपए हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए में 27 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 6,498 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

बिजली की बिक्री भी थोड़ी बढ़ी है। चौथी तिमाही में कंपनी ने 27.2 बिलियन यूनिट बिजली बेची, जो पिछले साल 26.4 बिलियन यूनिट थी। यह बढ़ोतरी लंबे समय के समझौतों के कारण संभव हुई।

पूरे वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12,971 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 12,750 करोड़ रुपए से थोड़ा ज्यादा है। वहीं कुल रेवेन्यू 55,583 करोड़ रुपए रही, जो कम बाजार दरों के कारण प्रभावित हुई।

साल भर में कंपनी ने 105 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया और कुल बिक्री 3.4 प्रतिशत बढ़कर 99.15 बिलियन यूनिट हो गई।

कंपनी ने अपने भविष्य को मजबूत करने के लिए लंबी अवधि के समझौते भी बढ़ाए हैं। साल के दौरान इसकी क्षमता समझौते 13.3 गीगावाट तक पहुंच गए।

सिर्फ चौथी तिमाही में ही कंपनी को महाराष्ट्र डिस्कॉम से 1,600 मेगावाट का लंबी अवधि का बिजली खरीद समझौता मिला, जिससे इसकी कुल ऑपरेटिंग क्षमता का करीब 95 प्रतिशत हिस्सा अब तय हो गया है।

कंपनी प्रबंधन ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ने के बावजूद देश में बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने में थर्मल पावर की भूमिका अभी भी बहुत महत्वपूर्ण है।

कंपनी के सीईओ एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों और मौसम से जुड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी अपनी 23.7 गीगावाट विस्तार योजना पर आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में अच्छी कमाई की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा, "हमारे पास कोयले जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं, जो लंबे समय तक देश के विकास में मदद करेंगे।"

उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, थर्मल पावर बिजली की मांग को पूरा करने और ग्रिड को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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Created On :   29 April 2026 5:50 PM IST

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