सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को अदालत ने थमाया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को अदालत ने थमाया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार राय द्वारा दायर याचिका पर जारी किया गया। प्रदीप राय ने कहा कि उन्हें बड़े अफसोस के साथ यह याचिका दायर करनी पड़ी, क्योंकि दोनों जिम्मेदार पदों पर हैं, लेकिन उनकी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण थीं और संस्थान के सम्मान के खिलाफ थीं।

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार राय द्वारा दायर याचिका पर जारी किया गया। प्रदीप राय ने कहा कि उन्हें बड़े अफसोस के साथ यह याचिका दायर करनी पड़ी, क्योंकि दोनों जिम्मेदार पदों पर हैं, लेकिन उनकी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण थीं और संस्थान के सम्मान के खिलाफ थीं।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार राय ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर ध्यान दिया है। जैसा कि मैंने कहा, मुझे यह पिटीशन बहुत अफसोस के साथ फाइल करनी पड़ी, खासकर इसलिए क्योंकि ये टिप्पणियां दो बहुत जिम्मेदार लोगों, सांसद संजय राउत और सीनियर पत्रकार निखिल वागले ने की थीं।"

उन्होंने कहा कि मैंने निखिल वागले के आर्टिकल कई बार पढ़े हैं और उनके काम को फॉलो किया है। उन दोनों की टिप्पणियां बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण थीं। मेरा मानना ​​है कि ऐसे कमेंट्स की कोई जरूरत नहीं थी। उन्हें फैक्ट्स सत्यापित करने चाहिए थे, और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था।

प्रदीप कुमार राय ने कहा कि आपको उस संस्थान का सम्मान करना चाहिए जिसमें आप काम करते हैं। एक ऐसा इंस्टीट्यूशन जिसे पूरा देश मानता है, आप उसके साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते। एक संस्थान स्थायी होता है। लोग आते-जाते रहते हैं। हम कल यहां हों या न हों, लेकिन संस्थान हमसे पहले भी था और हमारे बाद भी रहेगा।

उन्होंने कहा कि इसलिए लोगों को ऐसे कमेंट करने से पहले ध्यान से सोचना चाहिए। मैं उन लोगों से अपील करूंगा जो फालतू कमेंट करते हैं कि वे जिम्मेदारी से काम करें और कम से कम, इंस्टीट्यूशन के खिलाफ बोलने से बचें।

इसी बातचीत के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता के वकील अभिजीत सिन्हा ने कहा, "हमने मरहूम ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा की तरफ से एक ट्रांसफर पिटीशन फाइल की है, जिसमें भोपाल में चल रहे ट्रायल को मध्य प्रदेश से बाहर किसी जगह पर ट्रांसफर करने की मांग की गई है, क्योंकि पिता दिल्ली-एनसीआर इलाके में रहते हैं, इसलिए हमने केस को नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है।"

उन्होंने कहा कि हमने पिटीशन में कहा है कि आरोपी ज्यूडिशियल बैकग्राउंड से है और वहां काफी असरदार है। हमने कोर्ट के सामने एक सीलबंद लिफाफे में कुछ मैटेरियल भी जमा किया है।

इसके अलावा, एडवोकेट जगत सिंह ने बताया कि आज मामला टाल दिया गया है। अब इस पर 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऑर्डर पास किया था, लेकिन उसकी कॉपी अभी तक कोर्ट तक नहीं पहुंची थी। इस वजह से जज आगे की कार्रवाई करने से पहले पक्का करना चाहते थे और ऑर्डर को देखना चाहते थे।

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Created On :   16 Oct 2026 7:51 PM IST

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