अभियान की घोषणा: हलाल के नाम पर जुटाया गया पैसा देश को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कोशिश में इस्तेमाल हो रहा है- नितेश राणे

हलाल के नाम पर जुटाया गया पैसा देश को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कोशिश में इस्तेमाल हो रहा है- नितेश राणे
  • सरकार की मान्यता के बगैर चल रहा है गोरखधंधा
  • इस पैसे का इस्तेमाल जिहाद के लिए भी

डिजिटल डेस्क, मुंबई. राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने हलाल प्रमाणपत्र के खिलाफ एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए ‘चांदा से बांदा’ अभियान की घोषणा की है। सिंधुदुर्ग में एक कार्यक्रम में नितेश ने कहा कि इस पहल को हलाल प्रमाणपत्र के विरोध में हिंदू जनजागृति अभियान के रूप में पेश किया जाएगा। नितेश ने हिंदू समाज से एकजुट होने और अपनी भूमिका स्पष्ट रखने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि हलाल प्रमाणपत्र के माध्यम से जुटाया जाने वाला पैसा जिहाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है और देश को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने भाषण में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

हलाल के नाम पर जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल जिहाद के लिए

सिंधुदुर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम में नितेश राणे ने कहा कि हलाल प्रमाणपत्र के विरोध में धार्मिक परंपराओं को लेकर कई विवादास्पद टिप्पणियां भी कीं। नितेश ने दावा किया कि हलाल के नाम पर जमा होने वाले धन का इस्तेमाल देश को इस्लामी राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कथित कोशिश का आरोप लगाते हुए इसे ‘गजवा-ए-हिंद’ से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि भारत में हिंदुओं की बड़ी आबादी है और ऐसे में हिंदू समाज को अपनी भूमिका स्पष्ट रखनी चाहिए। राणे ने ‘सर्वधर्म समभाव’ और ‘भाईचारे’ की अवधारणा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदुओं को सबसे पहले अपने धर्म और समाज के हितों के बारे में सोचना चाहिए।

हमारे धर्म में गलती करने वाले को भी नहीं बख्शा जाता

नितेश राणे ने भगवद्गीता, सनातन धर्म और राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदू धर्म सभी के साथ समान व्यवहार करने की शिक्षा देता है, लेकिन गलत काम करने वाले को बचाने का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनने के बाद वहां चोरी की घटना हुई, तो हिंदू समाज ने गलत काम करने वाले को बचाने के बजाय उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने खरात प्रकरण का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सनातन धर्म में किसी को भी गलत काम करने पर संरक्षण नहीं दिया जाता। नितेश ने गौमाता को हिंदू धर्म में पूजनीय बताते हुए गोहत्या और उससे जुड़े कारोबार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि दूसरे धर्मों में कुछ चीजों को धार्मिक रूप से गलत माना जाता है, तो हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए।

मैंने तीन बार कुरान पढ़ी है

नितेश राणे ने अपने भाषण में दावा किया कि उन्होंने कुरान तीन बार पढ़ी है। उन्होंने हलाल और हराम की धार्मिक अवधारणाओं का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यदि किसी समुदाय के लोग अपने धार्मिक नियमों के अनुसार भोजन करना चाहते हैं, तो दूसरे समुदायों पर भी वही व्यवस्था क्यों लागू होनी चाहिए।

Created On :   16 Oct 2026 8:27 PM IST

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