घोषणा और फैसले: दीपावली से पहले सूखा प्रभावित किसानों को मिलेंगे 5 हजार रुपए, छोटे सरकारी भूखंडों के आवंटन नीति में संशोधन

दीपावली से पहले सूखा प्रभावित किसानों को मिलेंगे 5 हजार रुपए, छोटे सरकारी भूखंडों के आवंटन नीति में संशोधन
  • पालघर की जव्हार, मोखाडा और तलासरी तहसीलों में भी सूखा घोषित
  • श्री संत गजानन महाराज संस्थान की जमीन पर बनेगा यात्रा स्थल
  • राज्य मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के अभिनंदन के लिए पारित किया प्रस्ताव

डिजिटल डेस्क, मुंबई. भीषण सूखे के संकट के बीच प्रदेश की महायुति सरकार ने आपदा प्रभावित किसानों को राहत देने का फैसला लिया है। प्रदेश में सूखा प्रभावित किसानों को दीपावली से पहले 5-5 हजार रुपए की अग्रिम राशि प्रदान की जाएगी। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। राज्य अतिथिगृह सह्याद्री में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अग्रिम राशि के बाद सरकार की ओर से किसानों को नियमों के अनुसार नुकसान भरपाई भी प्रदान की जाएगी। हालांकि विपक्षी दलों ने किसानों को केवल 5-5 हजार रुपए देने के फैसले की आलोचना की है। इस बीच राज्य सरकार ने और 40 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। इसमें पालघर की जव्हार, मोखाडा और तलासरी तहसीलों का भी समावेश है। इससे अब राज्य में सूखा प्रभावित तहसीलों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है। राज्य के राजस्व विभाग ने सूखा प्रभावित नई तहसीलों की सूची भी जारी कर दी है।

सूखाग्रस्तों को 12 प्रकार की रियायतें मिलेंगी

सूखा प्रभावित तहसीलों में ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 लागू हो गया है। इससे सूखा प्रभावित सभी तहसीलों में सरकार की ओर से विभिन्न 12 प्रकार की रियायतें मिल सकेंगी। इसके पहले सरकार ने 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया था। राज्य में कुल 358 तहसीलें हैं। इधर, मंत्रिमंडल बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा प्रभावित तहसीलों में विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क बिना किसी शर्त के माफ की जाएगी।

बैंकों को कर्ज वसूली न करने के निर्देश

बैंकों को किसानों से बकाया कर्ज वसूली नहीं करने के लिए कहा गया है। इसलिए कोई बैंक कर्ज वसूली के लिए सख्ती न करे। सरकार की माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर भी नजर रहेगी। फडणवीस ने कहा कि रबी फसल सीजन में ज्वार और चारा के उत्पादन पर जोर देने का प्रयास किया जाएगा। सरकार किसानों से निर्धारित दर पर चारा खरीदने के लिए एक योजना तैयार कर रही है। इस योजना को जल्द ही मंजूरी भी प्रदान की जाएगी।

चारा-बीज वितरण में छूट

राज्य सरकार ने चारा संकट से निपटने के लिए जिला वार्षिक योजना के तहत चारा उत्पादन कार्यक्रम की शर्तों में इस वर्ष के लिए विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को चारा उपज के लिए बीज और रोपण सामग्री पर शत-प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके तहत किसान को व्यक्तिगत तौर पर एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 4,000 रुपए और किसान समूह को 5 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 20,000 रुपए मूल्य के चारा-बीज पर 100% अनुदान दिया जाएगा।

सूखा राहत कार्यों में आचार संहिता का बहाना नहीं चलेगा

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को मंत्रिमंडल बैठक के बाद जानकारी दी कि प्रदेश में सूखा राहत कार्यों के दौरान चुनाव आचार संहिता का बहाना बनाकर काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को तत्काल सूखा राहत उपायों में जुटना होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने सूखा राहत की बैठकों में आचार संहिता का कारण बताकर अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की चेतावनी दी है।

छोटे सरकारी भूखंडों के आवंटन नीति में संशोधन

राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी स्वामित्व वाले छोटे, अलग से निर्माण कार्य के लिए अयोग्य, संकरे और सुलभ पहुंच मार्ग उपलब्ध न होने वाले भूखंडों के आवंटन की नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। इसके लिए महाराष्ट्र जमीन राजस्व (सरकारी जमीन का निपटान) नियम के प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इसके पहले बीते 5 अगस्त 2025 को मंत्रिमंडल ने छोटे भूखंडों के आवंटन को लेकर नीति तय की थी। लेकिन इसमें शर्त थी कि आवंटित किए जाने वाले भूखंड का क्षेत्रफल, उससे लगे भूखंडों के कुल क्षेत्रफल के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके मद्देनजर जनप्रतिनिधियों ने 10 प्रतिशत का प्रमाण बढ़ाने की मांग थी। इसके अनुसार अब यह सीमा बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया है। जिन भूखंडों पर निर्माण कार्य करना संभव नहीं है, ऐसे जगहों के लिए सरकार की मंजूरी से शर्त को शिथिल किया जाएगा। इसके अलावा जिन भूखंडों पर निर्माण कार्य की अनुमति नहीं है, ऐसे भूखंडों को स्थायी रूप से खुला रखना अनिवार्य होगा। भविष्य में विकास नियमावली में संशोधन करके ऐसे भूखंडों पर निर्माण किया जाता है, तो सरकार के पास प्रचलित दरों के अनुसार अधिमूल्य सहित वसूलने का अधिकार होगा।

श्री संत गजानन महाराज संस्थान की जमीन पर बनेगा यात्रा स्थल

राज्य मंत्रिमंडल ने बुलढाणा के शेगांव के गिरडा में श्री संत गजानन महाराज संस्थान को पौधारोपण के लिए आवंटित 19 हेक्टेयर 6 आर जमीन में से 3 हेक्टेयर 81 आर जमीन पर यात्रा स्थल विकास के लिए स्थायी रूप से निर्माण कार्य के लिए मंजूरी दी है। इससे श्री संत गजानन महाराज संस्थान की ओर से 3 हेक्टेयर 81 आर जमीन जमीन पर भक्तों के लिए स्मृति केंद्र, इको-टूरिज्म सेंटर, शांति कुटीर, आवासीय कॉम्प्लेक्स, सभागार, प्रदर्शनी केंद्र, खुला मंच, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र, अस्पताल और ग्रामीण कुटीर उद्योग के लिए स्थायी रूप से निर्माण किया जाएगा। जबकि बाकी 15 हेक्टेयर 25 आर क्षेत्र का इस्तेमाल पौधारोपण के लिए करना पड़ेगा। श्री संत गजानन महाराज संस्थान ने संबंधित जमीन पर यात्रा स्थल बनाने का प्रस्ताव भेजा था। इसके मद्देनजर मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया है।

राज्य मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के अभिनंदन के लिए पारित किया प्रस्ताव

राज्य मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पद पर रहते हुए लगातार 25 साल जनसेवा करने को लेकर उनके अभिनंदन का प्रस्ताव पारित किया। बुधवार को राज्य अतिथिगृह सह्याद्री में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 की अवधि में लगातार मुख्यमंत्री और उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में सरकार के प्रमुख के रूप में 50 सालों तक सेवा की है। मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, सर्व समावेशी विकास, आधारभूत ढांचे का विस्तार, सामाजिक सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन हुआ है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने उनके प्रशंसा का प्रस्ताव मंजूर किया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी के प्रधानमंत्री के 12 सालों के कार्यालय में महाराष्ट्र को बड़ा लाभ मिला है। इस दौरान केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में 12 लाख करोड़ रुपए की आधारभूत ढांचा परियोजना का काम शुरू हुआ है अथवा कई परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं। इसमें नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग, मुंबई मेट्रो लाइन -3, अटल सेतु, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाढवण बंदरगाह, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन समेत अन्य परियोजनाओं का समावेश है।

अभिनंदन प्रस्ताव के मुद्दे

  • - आयुष्मान भारत योजना के लिए महाराष्ट्र के 4.40 करोड़ नागरिकों को बीमा सुरक्षा का लाभ
  • -राज्य के 91 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि
  • -किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 90 लाख किसानों को संस्थात्मक कर्ज आपूर्ति की सुविधा
  • -जनधन योजना के तहत महाराष्ट्र में 3.83 करोड़ जनधन खाते खोले गए
  • -युवाओं और लघु उद्यमियों को 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का मुद्रा कर्ज उपलब्ध
  • -प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का 21 लाख 46 हजार महिलाओं को लाभ
  • -प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से महाराष्ट्र में 29 बड़े और मध्यम सिंचाई परियोजनाएं पूरी हुई हैं। इससे
  • जुलाई 2026 तक 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्माण हुई है।
  • - बलीराजा जलसंजीवनी योजना के सूखा प्रभावित इलाकों में सिंचाई को गति देने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की मदद

Created On :   14 Oct 2026 10:06 PM IST

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