बड़ा निशाना: विदेशी ताकतों के सहारे देश में अराजकता फैलाने की अंतरराष्ट्रीय साजिश - एकनाथ शिंदे

विदेशी ताकतों के सहारे देश में अराजकता फैलाने की अंतरराष्ट्रीय साजिश - एकनाथ शिंदे
  • सुप्रीम कोर्ट पर इंडिया गठबंधन मार्च को बताया इतिहास का काला दिन
  • राहुल गांधी 140 करोड़ देशवासियों से माफी मांगें
  • सत्ता नहीं मिल रही, इसलिए देश में अशांति फैलाने की कोशिश

डिजिटल डेस्क, मुंबई। उपमुख्यमंत्री और शिवसेना (शिंदे) मुख्य नेता एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर विदेशी ताकतों की मदद से भारत में अराजकता फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकालने और आंदोलन करने को भारतीय इतिहास का काला दिन बताते हुए विपक्षी नेताओं से 140 करोड़ देशवासियों से माफी मांगने की मांग की। शिंदे ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है। याचिका दाखिल करने के नाम पर राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं का अदालत की ओर मार्च करना न्यायपालिका का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संविधान हाथ में लेकर ही लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने का काम कर रहा है।

सत्ता नहीं मिल रही, इसलिए देश में अशांति फैलाने की कोशिश

शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विपक्ष लगातार तीन बार चुनावी हार का सामना कर चुका है। अब विपक्ष को लग रहा है कि चुनाव के जरिए सत्ता हासिल करना मुश्किल है, इसलिए देश में अशांति और अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में हुए जन आंदोलनों का उदाहरण देने वाले विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि वे इन उदाहरणों के जरिए देश को क्या संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को अस्थिर करने के लिए कई विदेशी ताकतें प्रयास कर रही हैं और विपक्ष के आंदोलन इसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, शिंदे ने अपने इन आरोपों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

राहुल गांधी के आंदोलन पर भी साधा निशाना

शिंदे ने राहुल गांधी द्वारा आंदोलन को 'शिवतांडव' बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह शिवतांडव नहीं, बल्कि सत्ता के लिए बेचैन नेताओं का हंगामा है। उन्होंने धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाता है, लेकिन अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं देता। उन्होंने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो इसी आयोग के कार्यकाल में तेलंगाना, कर्नाटक, केरलम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव जीतने वाले विपक्षी दलों की जीत पर भी क्या सवाल उठाए जाने चाहिए? शिंदे ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ विपक्षी नेताओं की कथित टिप्पणियों और उन्हें इस्तीफा देने की चेतावनी दिए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना देश के लिए खतरनाक प्रवृत्ति है।

Created On :   13 Oct 2026 10:20 PM IST

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