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महाराष्ट्र सदन: डॉ. श्वेता सिंघल ने कहा - व्यक्तित्व विकास, बौद्धिक संवर्धन के लिए पढ़ना जरूरी, रीडिंग इंस्पिरेशन डे मनाया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी स्थित महाराष्ट्र सरकार की स्थानिक आयुक्त व सचिव डॉ श्वेता सिंघल ने गुरुवार को कहा कि पढ़ना सिर्फ़ ज्ञान पाने का जरिया नहीं है, बल्कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट, इंटेलेक्चुअल एनरिचमेंट (व्यक्तित्व विकास, बौद्धिक संवर्धन और ज़िंदगी में सही बदलाव लाने का एक असरदार जरिया भी है। इसलिए, पढ़ने की संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा फैलाना समाज के हित में है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के मौके पर कस्तूरबा गांधी मार्ग पर महाराष्ट्र सदन में रीडिंग इंस्पिरेशन डे (पठन प्रेरणा दिवस) के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. श्वेता सिंघल ने कहा कि डॉ. कलाम का लिटरेचर (साहित्य) पढ़ना और उनके विचारों को अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि किताबों में लिखे विचारों का मतलब उम्र और जिंदगी के अनुभवों के साथ और गहरा होता जाता है।
डिजिटल जमाने में बच्चों में पढ़ने का शौक जगाने के लिए, माता-पिता को खुद भी पढ़ने की आदत डालनी चाहिए और अपने बच्चों को अच्छी किताबें पढ़ने के लिए बढ़ावा देना चाहिए। पत्रकार प्रशांत वाघाये ने इस अवसर पर किताबों में मौजूद विचारों पर चर्चा करने की जरूरत बताई। मुंबई के डब्बावालों के काम करने के तरीके का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अनुशासन, सटीकता और समन्वय से कोई भी वैश्विक पहचान बना सकता है।
Created On :   15 Oct 2026 9:23 PM IST








