सीरिया में इजरायली कार्रवाई का मकसद संदेश देना, तुर्की की बढ़ती भूमिका ठीक नहीं ऐनात विल्फ
तेल अवीव, 25 अगस्त (आईएएनएस)। इजरायल की पूर्व सांसद ऐनात विल्फ ने सीरिया में हालिया इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि इसका मुख्य उद्देश्य संदेश देना है कि इजरायल अपनी सीमाओं के पास उभर रहे सुरक्षा खतरों को नजरअंदाज नहीं करेगा। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने सीरिया में मौजूदा शासन और क्षेत्र में तुर्की की बढ़ती सैन्य एवं रणनीतिक भूमिका को लेकर भी गंभीर चिंता जताई।
विल्फ ने कहा, "इजरायल की चिंता मुख्य रूप से दो पहलुओं को लेकर है। पहला, सीरिया में मौजूदा सत्ता व्यवस्था और दूसरा, तुर्की का सीरिया में बढ़ता प्रभाव।"
उन्होंने दावा किया कि इजरायल को आशंका है कि सीरिया में मौजूदा व्यवस्था भविष्य में एक ऐसे कट्टरपंथी इस्लामी राज्य का रूप ले सकती है, "जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा होगा।" विल्फ ने कहा, "इजरायल ने ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ संघर्ष इसलिए नहीं किया कि उसकी सीमाओं पर तुर्की समर्थित ताकतें नया खतरा बन जाएं।"
सीरिया में इजरायल और तुर्की के बीच संभावित सीधे टकराव के सवाल पर उन्होंने कहा, "फिलहाल पूर्ण युद्ध की संभावना नहीं दिखती, लेकिन इजरायल सुरक्षा जोखिमों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।" उनके मुताबिक, इतिहास से यह सबक मिलता है कि किसी खतरे के छोटा रहते उसका मुकाबला करना बेहतर होता है, बजाय इसके कि उसे इतना बढ़ने दिया जाए कि बाद में उससे निपटना मुश्किल हो जाए।
विल्फ ने कहा, "इजरायल का संदेश सीरिया की मौजूदा सरकार और तुर्की दोनों के लिए स्पष्ट है कि वह अपनी सीमाओं के पास किसी भी ऐसे ढांचे को स्थापित नहीं होने देगा, जिसे वह अपने लिए खतरा मानता है।"
सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य और रणनीतिक मौजूदगी को लेकर विल्फ ने कहा कि इजरायल को इससे "बहुत" चिंतित होना चाहिए। उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की क्षेत्रीय नीतियों की आलोचना करते हुए दावा किया कि तुर्की की महत्वाकांक्षाएं अब केवल उसके पुराने साम्राज्यवादी इतिहास तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सीरिया तुर्की के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और वहां प्रभाव मजबूत करने के बाद उसका असर इराक तथा क्षेत्र के अन्य हिस्सों तक बढ़ सकता है।
अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों और तेल परिवहन और सैन्य नेटवर्क को निशाना बनाए जाने के प्रभाव पर विल्फ ने कहा, "केवल प्रतिबंधों से ईरान की रणनीति बदलना मुश्किल है। असली बदलाव ईरान की जनता से आ सकता है।"
उन्होंने कहा कि ईरानी शासन को सबसे अधिक चिंता अपने ही नागरिकों से है। विल्फ ने दावा किया कि ईरान में आर्थिक कठिनाइयां बढ़ रही हैं और पिछले कई बड़े जनआंदोलनों के पीछे आर्थिक मुद्दे भी रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरानी जनता मौजूदा शासन के खिलाफ उठ खड़ी हो सकती है और देश में राजनीतिक बदलाव का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने ईरान को एक शिक्षित आबादी वाला देश बताते हुए कहा कि वहां लोकतांत्रिक बदलाव की संभावनाएं मौजूद हैं।
एक महीने तक चले सैन्य टकराव के बाद इजरायल और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम या राजनीतिक समझौते की संभावनाओं पर विल्फ ने कहा, "मौजूदा ईरानी शासन की विचारधारा को देखते हुए स्थायी समाधान मुश्किल है।"
उन्होंने कहा कि उनके नजरिए से दीर्घकालिक समझौता एक "मुक्त ईरान" के साथ ही संभव होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के कई लोग इजरायल के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं और पश्चिम समर्थक एवं धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था चाहते हैं।
ईरान पर लगातार दबाव बढ़ने से उसके चीन और पाकिस्तान के और करीब जाने की संभावना के सवाल पर विल्फ ने कहा कि ईरान पहले ही इन देशों के प्रभाव क्षेत्र के करीब है।
उन्होंने कहा, " चीन समर्थन सावधानी और कम दिखाई देने वाले तरीके से कर रहा है, जबकि पाकिस्तान भी ईरान के साथ खड़ा दिखाई देता है।" हालांकि उन्होंने कहा कि चीन किसी भी स्थिति में ईरान के साथ पूरी तरह डूबने का जोखिम नहीं उठाएगा।
इजरायल के लिए ईरान, हिज्बुल्लाह, सीरिया में अस्थिरता या तुर्की की बढ़ती भूमिका में से सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा क्या है, इस सवाल पर विल्फ ने एक अलग पहलू की ओर ध्यान दिलाया।
उन्होंने कहा कि उनके अनुसार सबसे बड़ा खतरा दुनिया भर में यहूदियों, इजरायल और जायनिज्म को लेकर चल रहा "शब्दों और चेतना का युद्ध" है।
विल्फ ने चेतावनी दी कि जब दुनिया में यह धारणा मजबूत होने लगे कि यहूदी समुदाय या इजरायल किसी बेहतर दुनिया की राह में बाधा है, तो यह बेहद खतरनाक स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसी सामूहिक मानसिकता के गंभीर परिणाम सामने आए हैं और पश्चिमी देशों में ऐसे विचारों का बढ़ना चिंता का विषय है।
उन्होंने इसे केवल इजरायल और यहूदियों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी खतरनाक बताया।
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Created On :   25 Aug 2026 4:11 PM IST












