तनाव बढ़ा रहा दिल की बीमारियों का खतरा, ऐसे रखें हृदय को सुरक्षित
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। आज के दौर में हर किसी की जिंदगी में तनाव है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और बदलती जीवनशैली धीरे-धीरे मन पर असर डालती हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है। खासकर दिल पर तनाव का असर सबसे ज्यादा देखा जाता है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है।
तनाव के दौरान शरीर में ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ा देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम समय रहते कुछ आसान आदतों को अपनाकर अपने दिल को स्वस्थ रखें।
गहरी सांस लेना एक बेहद आसान तरीका है जो तनाव को तुरंत कम करने में मदद करता है। आयुर्वेद और योग में इसे प्राणायाम का हिस्सा माना गया है, जहां सांस के जरिए शरीर और मन को संतुलित किया जाता है। जब हम धीरे-धीरे गहरी सांस लेते हैं, तो शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और मन शांत होने लगता है। विज्ञान भी मानता है कि इस प्रक्रिया से नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है और दिल की धड़कन सामान्य रहती है।
इसके अलावा, जब हम रोजाना वॉक या कोई योगासन करते हैं, तो शरीर में ऐसे हार्मोन बनते हैं, जो मूड को बेहतर बनाकर तनाव को घटाते हैं। आयुर्वेद में इसे शरीर की ऊर्जा को संतुलित रखने का तरीका माना गया है। वहीं विज्ञान के अनुसार, एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है और दिल को मजबूत करती है।
संतुलित आहार का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि मन पर भी पड़ता है। आयुर्वेद में सात्विक भोजन को सबसे अच्छा माना गया है, जो मन को शांत और स्थिर रखता है। ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी शरीर को जरूरी पोषण देते हैं और तनाव को कम करने में मदद करते हैं। विज्ञान भी कहता है कि सही डाइट सूजन को कम करती है और दिल की सेहत को बेहतर बनाती है।
अच्छी नींद भी तनाव को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब शरीर को पूरा आराम मिलता है, तो मन भी शांत रहता है और दिनभर की थकान दूर हो जाती है। पर्याप्त नींद लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं और हृदय पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी मानी जाती है।
मेडिटेशन एक ऐसा तरीका है, जो मानसिक शांति के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। नियमित मेडिटेशन करने से तनाव हार्मोन का स्तर कम होता है और हृदय की कार्यप्रणाली बेहतर होती है।
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Created On :   24 March 2026 11:02 AM IST












