ट्रंप ने ईरान की 10-सूत्रीय योजना को किया स्वीकार, सहमत होने पर स्पष्टता नहीं केपी फैबियन
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के ऐलान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विदेश मामलों के विशेषज्ञ केपी फैबियन ने इस समझौते को बहुत महत्वपूर्ण और सकारात्मक परिणाम बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को पढ़ा और स्वीकार किया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह उससे पूरी तरह सहमत हैं।
आईएएनएस से बातचीत में केपी फैबियन ने कहा कि यह युद्धविराम अमेरिका, ईरान, इजरायल, पश्चिम एशिया और भारत सभी के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण परिणाम है, क्योंकि ट्रंप पहले ईरानी सभ्यता को खत्म करने जैसी बातें कर चुके थे। उन्होंने पावर प्लांट, पुल और अन्य ढांचों पर हमले की चेतावनी दी थी। वहीं, इजरायल भी इसी तरह की कार्रवाई की तैयारी में था। अब राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया है, जो हम सभी के लिए अच्छा है।"
गौरतलब है कि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य हमलों से पीछे हटते हुए दो हफ्ते का सशर्त विराम घोषित किया है। यह फैसला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की शर्त से जुड़ा है। इस घोषणा ने दुनियाभर में राहत की भावना पैदा की है।
फैबियन ने इजरायल-ईरान संघर्ष पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि ट्रंप ने इसे 'दोनों पक्षों का सीजफायर' बताया है। इसका मतलब है कि यह समझौता इजरायल के साथ चल रहे युद्ध को भी समाप्त कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल भी इस युद्धविराम से सहमत है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में कुछ समय तक छिटपुट गोलीबारी जारी रह सकती है क्योंकि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी की कई शाखाएं स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और उनके बीच समन्वय में समय लग सकता है।
हालांकि, फैबियन ने स्पष्ट किया कि ट्रंप ने केवल प्रस्ताव को पढ़ने और विचार करने की बात कही है न कि उससे सहमति जताई है। उन्होंने कहा, "ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान का 10-पॉइंट प्लान पढ़ा है, लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि वह इसके सभी बिंदुओं से सहमत हैं। वह इस पर विचार कर सकते हैं लेकिन पूरी तरह सहमति नहीं है।"
फैबियन ने यह भी बताया कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स भी लगा सकते हैं।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सेनाएं भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी। उन्होंने कहा कि दो हफ्तों के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी लेकिन इसके लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं का पालन जरूरी होगा।
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Created On :   8 April 2026 1:26 PM IST












