यूक्रेन में जारी रूसी हमले एफपीवी ड्रोन ने मठ को बनाया न‍िशाना, धर्मगुरु की मौत

यूक्रेन में जारी रूसी हमले  एफपीवी ड्रोन ने मठ को बनाया न‍िशाना, धर्मगुरु की मौत
यूक्रेन के खेरसॉन इलाके में शन‍िवार रात रूसी एफपीवी ड्रोन ने एक मठ को न‍िशाना बनाया। हमले में एक धर्मगुरु की मौत हो गई, जबक‍ि चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा रूसी हमले खार्किव, सुमी और ओडेसा इलाकों में जरूरी और आम लोगों के इस्तेमाल वाली जगहों पर भी हुए। निप्रो और जापोरिज्जिया इलाकों में रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया।

वॉशिंगटन, 20 सितंबर (आईएएनएस)। यूक्रेन के खेरसॉन इलाके में शन‍िवार रात रूसी एफपीवी ड्रोन ने एक मठ को न‍िशाना बनाया। हमले में एक धर्मगुरु की मौत हो गई, जबक‍ि चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा रूसी हमले खार्किव, सुमी और ओडेसा इलाकों में जरूरी और आम लोगों के इस्तेमाल वाली जगहों पर भी हुए। निप्रो और जापोरिज्जिया इलाकों में रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “हर दिन और हर रात हम रूस के हमलों से अपना बचाव कर रहे हैं। शन‍िवार रात खेरसॉन क्षेत्र में रूस ने एक मठ पर एफपीवी ड्रोन से हमला किया। दुख की बात है कि इस हमले में मठ से जुड़े एक धर्मगुरु की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।''

जेलेंस्की ने बताया क‍ि खार्किव, सुमी और ओडेसा क्षेत्रों में जरूरी और आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले हुए। निप्रो और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया। शाम से ही विनित्सिया, कीव, जितोमिर और चेरकासी क्षेत्रों पर भी हमले हुए हैं।

यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने बताया क‍ि सिर्फ इसी हफ्ते रूस ने हमारे खिलाफ दो हजार से ज्यादा हमलावर ड्रोन छोड़े हैं, जिनमें ज्यादातर जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन थे। इसके अलावा 1,700 हवाई बम और अलग-अलग तरह की 19 मिसाइलें भी दागी गई हैं।

उन्‍होंने कहा क‍ि यूक्रेन लगातार खुद को बचाने और लोगों की जान पर हो रहे इन हमलों का जवाब देने के तरीके तलाश रहा है और उन्हें अपना भी रहा है। यह जरूरी है कि हमारे सहयोगी देश भी ऐसे रास्ते तलाशें, जिनसे रूस को उसके इस युद्ध की कीमत महसूस कराई जा सके।

जेलेंस्की ने कहा क‍ि अब हमलावर देश के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने और ताकत के जरिए उसे शांति के लिए मजबूर करने का सही समय है। अमेरिका के पास ऐसा करने के साधन हैं, यूरोप के पास भी हैं और जी-7 के हर देश के पास भी हैं। हमें नए और कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद है। मदद करने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।

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Created On :   20 Sept 2026 2:58 PM IST

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