Umaria News: पिता के वचन सुनते ही वल्कल वस्त्र धारण कर राम वन चले

अयोध्यावासियों का अपने प्रिय राम को रोते-बिलखते विदा करने का वह मार्मिक दृश्य देख हर कोई भावुक हो उठा।

डिजिटल डेस्क,उमरिया। उमरिया जिले में 126 सालों से चल रही बहराधाम रामलीला में इन दिनों भगवान श्रीराम के जीवन के सबसे मर्मस्पर्शी प्रसंगों का मंचन किया गया, जिसके तहत रामवन गमन और तमसा विश्राम के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पिता दशरथ के वचनों और माता कैकेयी की आज्ञा का पालन करते हुए भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वल्कल वस्त्र धारण करने के दृश्य से हुई, जिसे कलाकारों ने इस जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया कि पूरी रामलीला स्थली में उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं।

अयोध्यावासियों का अपने प्रिय राम को रोते-बिलखते विदा करने का वह मार्मिक दृश्य देख हर कोई भावुक हो उठा। इसके पश्चात मंचन में आगे बढ़ते हुए दिखाया गया कि कैसे अयोध्या से प्रस्थान करने के बाद भगवान राम अपने अनुज लक्ष्मण और सीता जी के साथ तमसा नदी के तट पर पहुँचे और वहाँ रात्रि विश्राम किया। इस दौरान भगवान राम और अयोध्या की जनता के बीच के अगाध प्रेम को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया, जहाँ प्रजा अपने आराध्य को छोड़कर जाने को तैयार नहीं थी।

पात्रों के उत्कृष्ट संवाद और पृष्ठभूमि में गूँज रहे भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से राममय बना दिया, जिस पर दर्शकों ने 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ कलाकारों के अभिनय की भरपूर सराहना की।

बहराधाम समिति के आयोजकों के अनुसार इन धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से नई पीढ़ी को त्याग, कर्तव्यपरायणता और पितृभक्ति का संदेश दिया जा रहा है जिसे देखने के लिए उमरिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।

Created On :   15 Oct 2026 6:59 PM IST

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