वाराणसी काशी के काल भैरव मंदिर क्षेत्र का बदला स्वरूप, केसरिया रंग में सजी गली बनी आकर्षण का केंद्र

वाराणसी काशी के काल भैरव मंदिर क्षेत्र का बदला स्वरूप, केसरिया रंग में सजी गली बनी आकर्षण का केंद्र
धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

वाराणसी, 11 जुलाई (आईएएनएस)। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

इसी कड़ी में प्रसिद्ध श्री काल भैरव मंदिर के आसपास स्थित कालभैरव गली को धार्मिक आकृतियों और केसरिया रंग-रूप से सजाया गया है, जिससे यह क्षेत्र श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरा है।

नगर निगम का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य मंदिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना तथा शहर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है।

वाराणसी नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वाराणसी धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से देश के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक है, जहां पूरे वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के समग्र विकास के लिए लगातार नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसी प्रयास के तहत तालाबों, पवित्र कुंडों और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण की कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि श्री काल भैरव मंदिर की महत्ता और उससे जुड़ी करोड़ों लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर के आसपास के भवनों और मकानों को हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले गेरुआ (केसरिया) रंग से रंगा जा रहा है। उनके अनुसार, भविष्य में शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी इसी प्रकार सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

इस पहल को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। स्थानीय कारोबारी दिवाकर त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भगवा रंग धार्मिक स्थलों की पहचान का प्रतीक है और मंदिर क्षेत्र को एक अलग आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान करता है। जब पूरे क्षेत्र के भवन एक समान रंग में दिखाई देते हैं तो इलाके की सुंदरता और आकर्षण कई गुना बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में होने वाले मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है। उनके अनुसार, अधिक संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से स्थानीय कारोबार को भी गति मिलती है और व्यापारियों को इसका सीधा लाभ प्राप्त होता है।

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Created On :   11 July 2026 7:55 PM IST

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