विजय को राजनीति में मौका मिलना चाहिए, अनुभव की कमी के आधार पर उन्हें जज न करें शोभा डे
मुंबई, 7 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय को लेकर काफी चर्चा में है। फिल्मों की दुनिया में बड़ी पहचान बना चुके विजय ने राजनीति में कदम रखते ही ऐसा असर दिखाया है कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि पार्टी अभी बहुमत के आंकड़े से थोड़ी पीछे है, लेकिन इसके बावजूद विजय की राजनीतिक सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसी बीच मशहूर लेखिका शोभा डे ने विजय के राजनीतिक सफर पर खुलकर अपनी राय रखी। आईएएनएस संग बातचीत में उन्होंने कहा कि विजय भले ही राजनीति में नए हों, लेकिन लोकतंत्र में हर व्यक्ति को खुद को साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
आईएएनएस से बात करते हुए शोभा डे ने कहा, ''विजय राजनीति के लिहाज से अभी एक नए चेहरे हैं। उनके पास लंबे समय का राजनीतिक अनुभव नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बड़ी जीत हासिल की है। विजय को खास तौर पर युवाओं का समर्थन मिला है। जेन-जी वोटर्स ने उन्हें काफी पसंद किया, और यही वजह रही कि उनकी पार्टी चुनाव में इतनी मजबूत स्थिति में पहुंच गई। विजय ने युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई, और लोगों ने उन्हें एक नए विकल्प के तौर पर देखा।''
शोभा डे ने कहा, ''राजनीति में आने वाला हर व्यक्ति शुरुआत में नया होता है और समय के साथ ही उसका अनुभव बढ़ता है। इसलिए सिर्फ अनुभव की कमी के कारण विजय को तुरंत जज करना सही नहीं होगा।''
उन्होंने लोकतंत्र का जिक्र करते हुए कहा, ''लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर इंसान को मौका दिया जाता है। जनता ने विजय को भी वही मौका दिया है। अब लोगों को धैर्य रखना चाहिए और यह देखना चाहिए कि वह आगे क्या काम करते हैं और राज्य के लिए क्या सोच रखते हैं। किसी व्यक्ति को शुरुआत में ही नकार देना ठीक नहीं है, क्योंकि कई बार नए लोग ही राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आते हैं।''
शोभा डे ने तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री के पुराने रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु में फिल्मी सितारों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। राज्य के कई बड़े नेता पहले फिल्मों के लोकप्रिय चेहरे रह चुके हैं। तमिलनाडु की जनता हमेशा से अपने फिल्मी सितारों को बेहद प्यार देती आई है और यही कारण है कि कई अभिनेता राजनीति में भी सफल हुए। विजय अब उसी परंपरा का अगला बड़ा नाम बनकर सामने आए हैं।''
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का उदाहरण देते हुए कहा, ''जब जयललिता राजनीति में आई थीं, तब उनके पास भी ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं था। लेकिन बाद में वह तमिलनाडु की सबसे ताकतवर और लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल हुईं। अगर जयललिता खुद को साबित कर सकती हैं, तो विजय को भी मौका मिलना चाहिए।''
गौरतलब है कि तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई है। हालांकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, इसलिए पार्टी अभी बहुमत से थोड़ी दूर है।
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Created On :   7 May 2026 12:56 PM IST












