वित्तीय सेवा सचिव ने डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी खातों के बढ़ते उपयोग की समीक्षा की
हैदराबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव ने हैदराबाद के पुलिस आयुक्त और सूचना एवं संचार पुलिस, सीबीआई, आरबीआई, आईडीपीआईसी और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी खातों के बढ़ते उपयोग की समीक्षा की गई।
बैठक हैदराबाद पुलिस द्वारा हाल ही में चलाए गए 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' और उससे प्राप्त सीखों पर केंद्रित रही। साइबर-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने और ग्राहक सुरक्षा बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों और बैंकों के बीच घनिष्ठ सहयोग, वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करने और ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी का पता लगाने और उसे रोकने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र पर बल दिया गया।
सुरक्षा एवं वित्तीय सेवा सचिव ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे वित्तीय साइबर धोखाधड़ी में शामिल फर्जी खातों की शीघ्र पहचान और रोकथाम के लिए आरबीआई द्वारा विकसित म्यूलहंटर एआई टूल को जल्द से जल्द अपनाएं।
डीएफएस के सचिव ने एसएलबीसी को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए बैंकों द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में राज्य पुलिस अधिकारियों को जागरूक करने और व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी।
इसके अलावा, वित्तीय सेवा सचिव ने वित्तीय सेवा विभाग के विशेष अभियान "आपका धन, आपका अधिकार” के तहत बैंक जमा, बीमा, म्यूचुअल फंड, शेयर और लाभांश सहित विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों को लावारिस वित्तीय संपत्तियों की वापसी की प्रगति की समीक्षा की।
इस पहल के तहत, पिछले 6 महीनों में 27.01 लाख दावेदारों को 6,453 करोड़ की राशि वापस की जा चुकी है, जिससे वित्तीय समावेशन मजबूत हुआ है। नागरिकों को अपनी जायज वित्तीय संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने का अधिकार मिला है।
वित्तीय सेवा सचिव ने लावारिस वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने के लिए एक सुगम और एकीकृत प्रणाली बनाने हेतु कॉमन लैंडिंग पेज की प्रगति की भी समीक्षा की, जिससे पहुंच, पारदर्शिता और नागरिकों की सुविधा में सुधार होगा। यह पोर्टल सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा बैंक गठबंधन द्वारा विकसित किया जा रहा है।
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Created On :   30 April 2026 7:45 PM IST











