वन्यजीवों का दीदार: जानिए कैसे कर सकते हैं शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक मचानों से जंगल के रोमांच का अनुभव - मौका जाए न छूट

जानिए कैसे कर सकते हैं शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक मचानों से जंगल के रोमांच का अनुभव - मौका जाए न छूट
  • पानीस्थलों पर निसर्ग अनुभव कार्यक्रम का आयोजन
  • कुल 76 मचान तैयार किए गए
  • शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक जंगल के रोमांच का अनुभव

Nagpur News. पेंच व्याघ्र प्रकल्प और उमरेड–पवनी–कऱ्हाडला अभयारण्य में इस वर्ष भी पानीस्थलों पर ‘निसर्ग अनुभव कार्यक्रम’ का आयोजन 1 मई को किया जा रहा है। इसके लिए कुल 76 मचान तैयार किए गए हैं, जहां निसर्ग प्रेमी शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक जंगल के रोमांच का अनुभव करेंगे।

हर साल की तरह इस बार भी बुद्ध पूर्णिमा की रात मचानों से वन्यजीवों का दीदार कराया जाएगा। वर्ष 2025 में इस कार्यक्रम को जबरदस्त प्रतिसाद मिला था—200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन सीमित मचानों के कारण केवल 76 लोगों को ही यह अवसर मिल पाया था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी 76 मचानों की व्यवस्था की गई है।

इस बार कार्यक्रम पेंच के बफर क्षेत्र के अंतर्गत पवनी, नागलवाड़ी तथा उमरेड–पवनी–कऱ्हाडला अभयारण्य के उमरेड, कुही और पवनी वनपरिक्षेत्रों सहित कुल 5 वनपरिक्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा।

अब नहीं होती आधिकारिक गणना

पहले बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर मचान और वॉच टावर से वाटर होल पर आने वाले वन्यजीवों की गणना की जाती थी, जिससे बाघ और अन्य प्रजातियों की संख्या का अनुमान लगाया जाता था। लेकिन त्रुटियों की संभावना के चलते वन विभाग ने यह प्रक्रिया बंद कर दी है। अब यह आयोजन केवल प्रकृति प्रेमियों के अनुभव और पर्यटन उद्देश्य से किया जाता है।


रातभर जंगल का अद्भुत अनुभव

इस कार्यक्रम के दौरान पर्यटकों को पूरी रात जंगल में रहने का मौका मिलेगा। चांदनी रात में जलस्रोत के पास बाघ, भालू, हिरण और खरगोश जैसे वन्यजीवों को देखना एक अविस्मरणीय अनुभव होता है। कई बार यहां दुर्लभ प्रजातियां, जैसे ‘सिल्वर भालू’, भी दिखाई दे जाते हैं।

Created On :   30 April 2026 7:59 PM IST

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