जल है तो कल: महेश्वर में हुआ महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग की जल यात्रा का समापन - मोहन यादव बोले - जुड़वे भाई हैं महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश

महेश्वर में हुआ महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग की जल यात्रा का समापन - मोहन यादव बोले - जुड़वे भाई हैं महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश
  • जल है तो कल है’ के संदेश को लोगों तक पहुंचाने निकली गई गोदा से नर्मदा यात्रा
  • गोदा से नर्मदा की यात्रा को हम शिप्रा तक ले जायेंगे- डॉ. मोहन यादव
  • जुड़वा भाई हैं महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश: मोहन यादव

Maheshwar News. अहिल्यादेवी ने जल प्रबंधन की मिसाल पेश की थी। हमने उनसे प्रेरित होकर सूखे से निपटने के लिए यह यात्रा निकाली। ’जल है तो कल’ का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए यह यात्रा शुरू की गई थी। यह बात महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधा कृष्ण विखे पाटिल ने कही। वे लोकमाता अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के मौके पर महाराष्ट्र जल संसाधन विभाग द्वारा निकाली गई ’गोदा से नर्मदा’ जल यात्रा के मध्य प्रदेश के महेश्वर घाट पर समापन समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव भी मौजूद थे।

जुड़वा भाई हैं महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश: मोहन यादव

इस अवसर पर एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्यादेवी के कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में अहिल्यादेवी ने अपने विचारों और कार्यों से भारत को गौरवांवित किया है। उन्होंने कहा कि अहिल्या माता का काल आज हम लघु रूप से पीएम नरेंद्र मोदी के विजन के साथ आगे बढ़ा रहे हैं जहां असंभव को संभव करने का कार्य किया जा रहा है। डॉ यादव ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जुड़वा भाई जैसे हैं। महाराष्ट्र ने यह यात्रा शुरू की है लेकिन यह समाप्त नहीं होगी। अगले साल नासिक में सिंहस्थ कुंभ है और उसके बाद उज्जैन में। गोदावरी से शुरू हो कर नर्मदा तक पहुंची यह यात्रा अब उज्जैन की शिप्रा तक जायेगी। उन्होंने बताया कि मध्य् प्रदेश में अहिल्या लोक की स्थापना की जा रही है जिसके माध्यम से उनके कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि जनसहभागिता से उनकी सरकार पानी बचाने के अपने संकल्प को पूरा करेगी उन्होंने बताया कि अहिल्यादेवी जल यात्रा को लेकर बीते दिनों में लोगों में बहुत उत्साह दिखा है और यात्रा के माध्यम से करीब 2 करोड़ लोगों तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया है। हमारी विरासत और हमारे विकास से हम विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर पायेंगे।

गौरतलब है कि अहिल्यादेवी जलयात्रा त्र्यंबकेश्वर के साथ चोंडी से बीते 25 अप्रैल को शुरू हुई थी। जलयात्रा का पहला पड़ाव शिरडी में था और करीब 1100 किमी चलने के बाद बुधवार कि देर शाम देवी अहिल्याबाई की राजधानी महेश्वर में इसका समापन हुआ। महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री (गोदावरी और कृष्णा बेसिन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) राधाकृष्ण विखे पाटिल पूरी यात्रा के साथ चले।

नर्मदा तट पर आयोजित समापन समारोह के दौरान महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विपणन मंत्री श्री जय कुमार रावल, महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर और इंदौर के युवराज यशवंतराव होलकर के साथ समापन समारोह में मौजूद थे। इस दौरान महाराष्ट्र की 130 नदियों के जल को विधिवत नर्मदा में प्रवाहित किया गया ।

Created On :   30 April 2026 6:07 PM IST

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