यह कहना गलत है कि भारत अमेरिका का अनुसरण करता है सैयद अकबरुद्दीन

यह कहना गलत है कि भारत अमेरिका का अनुसरण करता है सैयद अकबरुद्दीन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को कहा कि यह कहना गलत है कि भारत अमेरिका के पीछे चलता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसा दावा न तो उचित है और न ही यह सच्चाई को दर्शाता है।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को कहा कि यह कहना गलत है कि भारत अमेरिका के पीछे चलता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसा दावा न तो उचित है और न ही यह सच्चाई को दर्शाता है।

युवा भारतीय पॉडकास्टर और उद्यमी राज शमानी के साथ अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि यह कहना गलत है कि भारत अमेरिका का अनुसरण करता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नाम का एक समूह बनाया था और पाकिस्तान ने भी ऐसा ही किया, लेकिन भारत ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया, क्योंकि यह कोई वास्तविक अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को यह पसंद नहीं है कि भारत अपने जहाजों को वापस लाने के लिए ईरान से बातचीत करे, लेकिन उसने भारत को ऐसा करने से रोका भी नहीं है। भारत ने साफ तौर पर कहा है कि वह एक-एक कदम उठा रहा है और अगर यह तरीका सफल होता है, तो आगे भी इसी तरह कोशिश की जाएगी।

सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि भारत अपने तरीके से फैसले ले। वह चाहता है कि दूसरे देश वहां अपने जहाज भेजें, जैसे बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज, लेकिन वह भारत का नाम भी नहीं लेता, क्योंकि उसे पता है कि भारत किसी का पक्ष लेकर काम नहीं करता। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां भारत ने किसी का साथ नहीं दिया। यूक्रेन युद्ध के मामले में भी भारत ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। अमेरिका ने कई बार भारत से कहा कि वह मतदान से दूर न रहे, लेकिन भारत अपने फैसले पर कायम रहा।

उन्होंने अंत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दुनिया में कोई यह मानता है कि भारत अमेरिका के पीछे चलता है। यहां तक कि अमेरिका भी ऐसा नहीं सोचता। हो सकता है कि कुछ लोग अपनी बात साबित करने के लिए ऐसा कहते हों, लेकिन सच्चाई में ऐसा नहीं है।

भारत में विपक्ष अक्सर सरकार की आलोचना करता है और यह आरोप लगाता है कि वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम करती है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कई बार ऐसे बयान दिए हैं, जिनमें उन्होंने इशारा किया है कि भारत के प्रधानमंत्री दबाव में हैं।

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Created On :   3 April 2026 6:26 PM IST

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