SIR और एक्शन में EC: चुनाव आयोग ने गंभीर कदाचार के आरोप में पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को किया निलंबित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट गहन पुनरीक्षण में लापरवाही के आरोप में सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। एसआईआर के काम में लगे इन अफसरों को चुनाव आयोग ने गंभीर कदाचार के आरोप में तत्काल प्रभाव से हटाते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए है।
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा बंगाल में कुछ हो सकता है ममता बनर्जी कितनी जमीन तक धंस सकती हैं और वहां की पुलिस और प्रशासन पंगु हुआ है। उनको समझ लेना चाहिए ममता बनर्जी जा रही हैं और भाजपा आ रही है, SIR ठीक तरीके से हो और अधिकारी कानून के तहत काम करे, अधिकारी दबाव में काम करेंगे तो ममता बनर्जी के जाने के बाद उन्हें दिक्कत होगी।
दोषी पाए गए सभी अफसर SIR प्रक्रिया में सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।आपको बता दें पोलिंग लेवल के अधिकारी और चुनाव पंजीकरण अधिकारी सामान्य तौर पर प्रदेश सरकार के कर्मचारी होते हैं, जिन्हें वोटर लिस्ट अपडेट और चुनाव प्रक्रिया में सहयोग के लिए आयोग में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है।
मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उनके कैडर नियंत्रक प्राधिकरणों के जरिए बिना विलंब किए हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई कर, सबंधित जानकारी को चुनाव आयोग से अवगत कराए जाए।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को सस्पेंड करने पर बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडे ने कहापश्चिम बंगाल के जो अधिकारी हैं वे पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारी कम, ममता बनर्जी और TMC के अधिकारी के रूप में काम करते हुए ज्यादा दिखाई पड़ते हैं। यह उन अधिकारियों के लिए संकेत और संदेश है जो चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन न करके TMC और ममता बनर्जी के आदेश और निर्देश का पालन करते हैं।
Created On :   16 Feb 2026 9:46 AM IST












