मध्यप्रदेश न्यूज: सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा सिंहस्थ 2028 सरकार के लिए गौरवशाली पक्ष, प्रबंधन में पूर्व अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुभव का लिया जाएगा लाभ

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2016 के अनुभव ,2028 का संकल्प विषयक कार्यशाला का सीएम डॉ मोहन यादव की मौजदूगी में शुभारंभ किया गया। सीएम ने कार्यशाला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा बाबा महाकाल की नगरी है, काल की नगरी है, उज्जैन से जीवन जुड़ जाए तो धन्य होता है। उज्जैन से जुड़ने के लिए देवताओं की भी कामना होती है। बदलते दौर में यशस्वी पीएम मोदी के नेतृत्व में 12 मास बसंत है। अब वो दिन गए जब सिंहस्थ और बड़े धार्मिक पर्यटन आयोजन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। उनका बाबा महाकाल की नगरी, उज्जैन से विशेष लगाव है। उज्जैन को काल-के महाकाल की नगरी बताते हुए कहा यहां से तो देवता भी जुड़ना चाहते है। सीएम ने सिंहस्थ तैयारियों में हो रहे विस्तृत काम का दूरगामी तक असर होना चाहिए, सब के साथ हमारा भी अमृतकुंभ चल रहा है।
सीएम ने अपने पुराने सिंहस्थ अनुभवों को साझा करते हुए कहा हर सिंहस्थ में से जूझते है, हर सिंहस्थ में कुछ ना कुछ चुनौतियों से निपटते है। शहर समीति में समाज के सभी वर्गो को जोड़ा जाता है। सभी विचारों को साझा करते। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग से आने में भारी दिक्कत आती थी। अब सभी मार्गों को फॉर लाइन में कन्वर्ट कर दिया है। सीएम ने 1980, 1992, 2004 , 2016 के सिंहस्थ के अनुभव और संघर्ष को साझा किया। सिंहस्थ में आप सबका है, सब का लाभ मिलना चाहिए। हर रोड़ को फॉर लाइन और चौड़ा किया गया है, इससे दबाव कम होगा।
देवताओं के नगरी में सिर्फ स्नान करने के साथ साथ सभी देवस्थान को बड़ा किया जाएगा। सिद्धनाथ, कालभैरव मंदिरों को भव्य करने की तैयारी की जाएगी। दर्शन करने को ध्यान में रखते हुए मंदिरों को भी भव्य करने की तैयारी है। नदी के दोनों और पक्के घाट से नदी की एक प्रवाह धारा रहेगी। स्नान के लिए जल की जो चुनौती रहती थी,अबकी बार जल की भरपूर उपलब्धता रहेगी।
जनता के हित को ध्यान में रखते हुए ठहरने के साथ कई सुविधाओं की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन के अधिकारी खुद संभालेंगे। समस्याओं के स्थायी निदान पर ध्यान देना चाहिए। बनी हुई प्रोपर्टी का व्यापक और प्रोपर उपयोग होना चाहिए। सीएम ने सभा में मौजूद सभी लोगों से इस बड़े पवित्र यज्ञ में आहुति और समय देने के लिए भगवान ही मौका दे रहे हा। सिंहस्थ 2028 को जरूर अच्छा और भव्यता से करेंगे।
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सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा विश्व का सबसे बड़ा मेला है, जो मध्यप्रदेश सरकार का सबसे गौरवशाली पक्ष भी है। सिंहस्थ मेले में आने वाले तीस से चालीस करोड़ श्रद्धालुओं के प्रबंधन को लेकर पूर्व के आयोजित मेले में अधिकारियों के अनुभव का लाभ लेते हुए, की जा रही व्यवस्थाओं में उनके सुझाव, उनका मार्गदर्शन से होने वाले लाभ और तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक अनुष्ठान का जो पर्व चल रहा है विरासत से विकास की ओर उस संबंध में अधिकारियों को कुछ निर्देश दिए, कार्यशाला के जरिए विशेष प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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Created On :   27 Jun 2026 3:22 PM IST










