Pax Silica में अब भारत की हुई एंट्री: कीमती खनिजों से लेकर AI तक को मिलेगी रफ्तार, डिपेंडेंसी कम होने से चीन को लगेगा 440 वॉल्ट का झटका

कीमती खनिजों से लेकर AI तक को मिलेगी रफ्तार, डिपेंडेंसी कम होने से चीन को लगेगा 440 वॉल्ट का झटका
नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के बीच भारत ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला लिया। भारत ने अमेरिका की लीडरशीप वाले रणनीतिक गणबंधन पैक्स सिलिका (Pax Silica) में शामिल होने का ऐलान कर दिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के बीच भारत ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला लिया। भारत ने अमेरिका की लीडरशिप वाले रणनीतिक गठबंधन पैक्स सिलिका (Pax Silica) में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इसके ऐलान के साथ ही भारत ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत की महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए सप्लाई चेन मजबूत होगी। वहीं, कई तरह के दुर्लभ खनिजों में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करने में भी ये साझेदारी मददगार होगी।

पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत को मिलेगा ये फायदा

इतना ही नहीं, बल्कि पैक्स सिलिका से साझेदारी के बाद भारत को दुर्लभ खनिजों के आयात के लिए चीन पर अपनी भारी निर्भरता को कम करने में फायदा मिलेगा। इसके अलावा जरूरी खनिजों और एआई के लिए लचीली सप्लाई चेन भी मजबूत होगी।

बता दें, नई दिल्ली में आज इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में इस घोषणापत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी सहयोग को बढ़ाना और नेक्स्ट जेनेरेशन बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण प्रमुख संसाधनों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना है। न केवल इतना बल्कि इस कदम से प्रस्तावित इंडिया-यूएस ट्रेड डील को अंतिम रूप देने और द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के बीच बड़ी कोशिश है।

पिछले साल वाशिंगटन में आयोजित पैक्स सिलिका समिट में हुई थी पहल

गौरतलब है कि, पिछले साल दिसंबर में वाशिंगटन में आयोजित पैक्स सिलिका समिट के दौरान इस पहल की शुरुआत हुई थी। इसमें ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजराइल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, यूएई और यूके जैसे देश शामिल हुए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पैक्स सिलिका में भारत शामिल हो गया है। इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को भी बड़ा फायदा होगा। बता दें, देश में 10 संयंत्र पहले से ही स्थापित हैं। इसके बाद कई और स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर देगा।

वहीं, India-Pax Silica के बीच इस पहल को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को आकार देने के लिए India-US के बीच एक रणनीतिक गठबंधन जरूरी बताया। उन्होंने भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा और अमेरिका-भारत टेक पार्टनरशिप को मजबूत करने में उसकी भूमिका का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय AI को बढ़ावा देना है।

Created On :   20 Feb 2026 1:37 PM IST

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