CEC Controversy: ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी संग्राम, इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग और चुनाव आयोग पर सवाल, पक्ष-विपक्ष में किसने क्या कहा?

ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी संग्राम, इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग और चुनाव आयोग पर सवाल, पक्ष-विपक्ष में किसने क्या कहा?
जनता के मन में कोई संदेह न आए। चुनाव आयोग की है कि वो अपने पक्ष मे अपनी बातों को मजबूती से रखें । तेजस्वी ने कहा ईसी पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया, मनीष तिवारी ने जांच कमेटी बनाने की मांग की, शिवसेना नेता शायना एन.सी. ने कहा राहुल गांधी को हर चीज में आपत्ति है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने मोर्चा खोल दिया है। सीईसी को लेकर पक्ष -विपक्ष के बीच घमासान मचा हुआ है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा अगर चुनाव आयोग के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं तो चुनाव आयोग कि ये जिम्मेदारी है कि वो अपने पक्ष मे अपनी बातों को मजबूती से रखें। उन्होंने कहा विपक्ष का काम है राजनीति करना, लेकिन चुनाव आयोग को जनता का विश्वास बना रहे क्योंकि अगर चुनावी प्रक्रिया के ऊपर ही जनता का संदेह खड़ा हो जाएगा तो ये गलत है ऐसे में चुनाव आयोग अपनी बातों को मजबूती से रखना चाहिए। ताकि जनता के मन में कोई संदेह न आए। चुनाव आयोग की है कि वो अपने पक्ष में अपनी बातों को मजबूती से रखें।

राष्ट्रीय जनता दल नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने CEC विवाद पर मीडिया से कहा भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग काम कर रहा है, उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। तेजस्वी ने आगे कहा अन्याय है, लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। आज बिहार के कई जिलों में आरजेडी ने प्रदर्शन भी किया। उन्होंने आगे कहा अन्याय के खिलाफ हम लड़ेंगे।

शिवसेना नेता शायना एन.सी. ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा उन्हें हर चीज में आपत्ति है। चुनाव आयोग से आपत्ति है, EVM से आपत्ति है, वोटर्स से आपत्ति है, नरेंद्र मोदी से आपत्ति है, SIR से आपत्ति है। उन्होंने आगे कहा साफ स्वच्छ राजनीति के लिए बोगस वोटर्स, बाहर से आए वोटर्स को निकालने की जरुरत है या नहीं? इन सभी सवालों के ऊपर वो आत्मचिंतन करें तो उनको सभी सवालों का जवाब SIR से मिलेगा।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ देना चाहिए। चुनाव आयोग के कामकाज की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति बनाई जानी चाहिए। तीसरी बात, लगभग 13 करोड़ नाम जो हटाए गए हैं — हर हटाए गए नाम और उसे हटाने की वजह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर डाली जानी चाहिए, और उन सभी को वोटर लिस्ट में वापस आने का एक नया मौका दिया जाना चाहिए क्योंकि यह बहुत अजीब स्थिति है कि लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।

एक और नया मामला मतदाता सूची में युवा वोटर्स को ना जोड़ने का सामने आया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि युवाओं को मतदाता सूची से बाहर रखने की साजिश की जा रही है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्पेसल समरी रिवीजन यानी एसएसआर हर साल होने वाली मतादाता सूची संशोधन की प्रक्रिया 2024 के बाद से शुरु ही नहीं हुई। आपको बता दें इसके तहत हर साल 18 साल की उम्र पूरी करने वाले नए वोटर्स को नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है। आपको बता दें जनप्रतिनिधित्व कानून 1950 की धारा 21 के तहत एसएसआर वोटर लिस्ट को अपडेट करने की एक नियमित वार्षिय प्रोसेस है। आखिरी बार एसएसआर प्रक्रिया 2024 में आयोजित की गई थी।

Created On :   25 Sept 2026 5:59 PM IST

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