India-US Trade Deal: भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते पर सीएम ने जताई चिंता, उनके सामानों पर शुल्क नहीं लगाया तो स्थानीय उत्पादों की गिर जाएगी मांग

भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते पर सीएम ने जताई चिंता, उनके सामानों पर शुल्क नहीं लगाया तो स्थानीय उत्पादों की गिर जाएगी मांग

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापारिक समझौते पर सभी नेता केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं। इसी बीच जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी ट्रेड डील पर अपनी चिंता जताई है। सीएम शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (SKUAST), कश्मीर में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम मे शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि इस समझौते के तहत अमेरिकी बागवानी उत्पादों पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा तो इसका सीधा और विनाशकारी असर जम्मू कश्मीर के लाखों किसानों पर पड़ेगा।

टैक्स छूट से उत्पादों की मांग गिर जाएगी- उमर अब्दुल्ला

उमर शनिवार (14 फरवरी) को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा हमारा पूरा ध्यान ग्रीमीण किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में है। लेकिन बाहरी प्रतिस्पर्धा हमारे किसानों को कुचल देगी। उमर ने कहा अगर अमेरिका से कोई भी सामान (सेब, अखरोट, बादाम और अन्य सूखे मेवे) बिना टैक्स के इंडिया आएगा तो स्थानीय उत्पादों की मांग गिर जाएगी। इन लोगों पर भारी संकट खड़ा हो जाएगा।

उन्होंने कहा यहां के किसान लगातार कई वर्षों से अपनी जमा-पूंजी लगाकर बागों को तैयार कर रहे हैं। सुविधाों पर काफी खर्च किया जा रहा है ताकि उपज लंबे समय तक सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा, "अगर ऐसे समय में अच्छी क्वालिटी का विदेशी आयातित माल सस्ते दाम पर बाजारों में भर जाएगा, तो हमारे किसान कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो किसानों के साथ घोर अन्याय होगा जिन्होंने गुणवत्ता सुधारने के लिए इतना पैसा खर्च किया है।"

यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ सेब और अखरोट- उमर

जम्मू कश्मीर में पेश किए गए बजट सत्र 2026-27 के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस बार हमारी सरकार ने टूरिज्म, बागवानी, पशुपालन, मछली पालन और डेयरी पर भी ध्यान दिया है। उमर ने कहा यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ सेब और अखरोट हैं। उन्होने केंद्र सरकार से मांग की है कि विदेशी आयात पर शुल्क में ढील न दी जाए ताकि कश्मीरी उत्पादों को ही सर्वोत्तम दाम मिल सकें।

Created On :   14 Feb 2026 9:27 PM IST

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