दैनिक भास्कर हिंदी: सिंधिया के मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, शिवराज मंत्रिमंडल से हो सकते है बाहर, इन्हें मिल सकता है मौका!

June 21st, 2021

भोपाल। Shivraj Cabinet Expansion : आने वाले दिनों में शिवराज मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की संभावनाएं बन रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave) में मंत्रियों द्वारा किए गए कार्यों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट (Performance Report) तैयार की गई है। जिसके आधार पर उनके परफॉर्मेंस का आंकलन किया गया है। बताया जा रहा है कि, परफॉर्मेंस से संतुष्ट नहीं पाए जाने पर कुछ मंत्री को कैबिनेट से बाहर का भी रास्ता दिखाया जा सकता है। इसमें सिंधिया खेमे के भी कुछ मंत्री शामिल हो सकते है। वहीं अच्छी परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को सीएम शिवराज नई जिम्मेदारी के साथ बड़ा तोहफा देने पर विचार कर रहें है।

जनता में है नाराजगी
दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी मंत्रियों को मैदान में उतारा था। सभी मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन इनमें से कुछ ऐसे मंत्री भी थे जो संक्रमण काल में उतनी सक्रियता के साथ सड़कों पर नहीं दिखाए दिए। इससे जनता में उनके और सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है।

छवि सुधारने की कोशिश ने सरकार
बताया जा रहा है कि नॉन परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। सरकार अपनी छवि को सुधारने के लिए इन मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर करने पर विचार कर रही है। ऐसा कर के सरकार जनता में यह संदेश देने चाहती है कि वह काम करवाने वाली और एक्शन लेने वाली सरकार है, जो काम नहीं करेगा उसकी छुट्टी कर दी जाएगी। फिर भले ही वह मंत्री ही क्यों न हो।

इन सिंधिया समर्थकों से नाराज चल रहे सीएम
नॉन परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को सीएम शिवराज सिंह अपनी कैबनेट से बाहर करने का पूरा मूड बना चुके है। कोरोना की दूसरी लहर में शिवराज के कुछ मंत्री ऐसे थे जिन्होंने दी गई जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभाया। इन मंत्रियों के परफॉर्मेंस से मुख्यमंत्री खासे नाराज बताए जा रहे हैं। जिसमें कुछ सिंधिया समर्थक मंत्रियों के शामिल होने की भी अटकलें हैं। इसमें सबसे पहला नाम है प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी। पूरे कोरोना काल में प्रभुराम चौधरी अधिकतर समय गायब ही नजर आए। विपक्ष ने भी इसको लेकर सरकार की जम कर खिचाई की थी। वहीं प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पूरे समय प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी उठाते हुए नजर आ रहे थे। इसके अलावा सीएम शिवराज पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के काम करने के तरीके से भी खुश नहीं बताए जा रहे हैं।

बन सकते है 3 से 4 नए मंत्री
सरकार की इस सर्जरी में बीजेपी के असंतुष्ट मूल विधायकों को मौका मिल सकता। कहा ये भी जा रहा है कि अब किसी नए सिंधिया समर्थक को शायद ही मंत्रिमंडल में मौका मिले। बताया जा रहा है कि 3 से 4 नए मंत्रियों को शपथ दिलवाई जा सकती है। वहीं कुछ मंत्री ऐसे भी है जो कोरोना की दूसरी लहर में सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ कंधे से कंधा मिला कर चले और पूरे समय जनता के बीच बने रहे। इन मंत्रियों के परफॉर्मेंस से सीएम शिवराज काफी प्रभावित हुए है और जल्द ही इन्हें बड़ा तोहफा दिया जा सकता है। इसमें एक नाम चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का भी है, जिनका कैबिनेट में पद बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

मंत्रियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री शिवराज अब अपने सभी मंत्रियों साथ वन-टू-वन चर्चा कर उनके विभाग और कोरोना की दूसरी लहर में दी गई जिलों की जिम्मेदारी की समीक्षा कर रहें है। इसके लिए उन्होंने सभी मंत्रियों को अलग-अलग दिन का समय दिया है। मुख्यमंत्री जब भी भोपाल में रहेंगे उस दिन एक मंत्री के साथ चाय पर चर्चा करेंगे और उनके कार्यों की समीक्षा करेंगे, साथ ही आने वाले समय में संबंधित विभाग की तैयारियों पर भी चर्चा की जा रही है। 

शिवराज ने पीएम से की थी मुलाकात
उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले सप्ताह लंबे समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने दिल्ली गए थे। इस दौरान शिवराज ने प्रधानमंत्री से कोरोना को लेकर अब तक किए गए प्रदेश सरकार के प्रयासों और वैक्सीनेशन की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। वहीं खबर यह भी है कि उन्होंने कोरोना काल में मंत्रियों द्वारा किए गए कार्यों को लेकर बनाए गए रिपोर्ट कार्ड पर भी पीएम से चर्चा की है।

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