MP News: देवास में शराब पीने से 13 लोगों की मौत का आरोप, संभागायुक्त ने बनाई 5 सदस्यीय जांच टीम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई 13 लोगों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों और ग्रामीणों ने इन मौतों के पीछे जहरीली शराब को वजह बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया है। टीम को 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अभी तक सभी मौतों का कारण जहरीली शराब होना आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुआ है।
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5 सदस्यीय टीम करेगी मौतों के कारणों की जांच
यह जांच दल सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के मध्य तक चंदाना और बिंजाना गांव में हुई मौतों के कारणों और उनसे जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगा। जांच में तकनीकी तथ्यों के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
समिति की अध्यक्षता उज्जैन के अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रथम कौशिक करेंगे। टीम में मंदसौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामसनेही मिश्रा, रतलाम के एसडीओपी लेखराज मीणा, उज्जैन संभागीय उड़नदस्ते के उप आबकारी आयुक्त हर्षवर्धन राय और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्रीय संचालक डॉ. दीपक कुमार पिप्पल को शामिल किया गया है।
प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत के दावों को नकारा
देवास जिला प्रशासन ने इससे पहले जहरीली शराब से मौत होने संबंधी खबरों को भ्रामक बताया था। प्रशासन के मुताबिक, चंदाना गांव में 1 से 15 अक्टूबर के बीच 10 लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों ने इन मौतों के पीछे बढ़ती उम्र, सामान्य बीमारियों, ब्रेन हेमरेज और अत्यधिक शराब सेवन से स्वास्थ्य बिगड़ने जैसी वजहों का उल्लेख किया था।
हालांकि, बाद में प्रशासन ने दो मृतकों के विसरा के नमूने जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे जाने की जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद मौतों के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चंदाना, बिंजाना और आसपास के इलाकों में पिछले एक महीने के दौरान जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई है, जबकि कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन पर मौतों की जानकारी छिपाने और शराब माफिया को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं। ये आंकड़े कांग्रेस अध्यक्ष के दावों पर आधारित हैं, इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, मामले में ग्रामीणों के आरोप, प्रशासन का पक्ष और मौतों के कारणों को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों के बीच जांच समिति की रिपोर्ट अहम होगी। अब जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन मौतों के पीछे जहरीली शराब की भूमिका थी या अन्य कारण जिम्मेदार थे।
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